बरेली। शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की बैठक में नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई। इसके साथ ही पांच फर्मों पर 95 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। तीन सफाई नायकों और निरीक्षकों को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
पीलीभीत बाइपास से संजय नगर मार्ग, सेटेलाइट से वनखंडीनाथ मंदिर मार्ग, कुदेशिया फाटक से लल्ला मार्केट मार्ग और मिनी बाइपास मार्ग पर डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन एजेंसियों की लापरवाही सामने आई। एजेंसियों की ओर से नियमित रूप से कूड़ा न उठाने की वजह से क्षेत्र में गंदगी है। इसको लेकर मेसर्स पीपीपी सिक्योरिटी पर 30,000 रुपये, मेसर्स आयुषी हाइजीन एंड केयर प्राइवेट लिमिटेड पर 10,000 रुपये, मेसर्स अवर ड्रीम व मेसर्स कोणार्क ग्लोबल पर 20-20 हजार रुपये और कय्यूम ठेकेदार पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सभी फर्मों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन न बढ़ाए जाने पर समस्त सफाई निरीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, वनखंडीनाथ, संजय नगर और डीडी पुरम वार्ड की साफ-सफाई ठीक न मिलने पर वहां के सफाई नायकों और संबंधित सफाई इंस्पेक्टरों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
लापरवाही पर गिरेगी गाज, नागरिकों से संवाद कर सुधरेगी व्यवस्था
अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें बल्कि मैदानी स्तर पर उतरकर खुद स्थिति का जायजा लें। नागरिकों से संवाद करें। जिन स्थानों पर लोग लगातार कूड़ा डालते हैं, सौंदर्यीकरण के माध्यम से उन्हें उपयोगी स्थलों में बदला जाएगा।