बरेली। सरकारी धनराशि के दुरुपयोग और गबन के मामले में ग्राम पंचायत लीलौर और सुनरासी के ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए हैं। इसकी जांच में चार ग्राम पंचायत सचिव व अधिकारी भी दोषी पाए गए हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
रामनगर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत लीलौर बुजुर्ग निवासी अशरफ खां, अहलताज खां समेत कई लोगों ने नाली, खड़ंजा सहित अन्य विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी। जांच में सरकारी धन का दुरुपयोग पाया गया। गांव में दो साल से खुली बैठक नहीं हुई थी, जबकि ग्राम प्रधान रामरोशनी देवी और तत्कालीन सचिव राजीव कुमार सिंह ने स्पष्टीकरण दिया कि वह हर साल खुली बैठक करा रहे हैं। एक माप पुस्तिका पर फर्जी मुहर और हस्ताक्षर पाए गए। इस वजह से ग्राम प्रधान रामरोशनी देवी और सदस्यों के अधिकार सीज कर दिए गए। ग्राम पंचायत सचिव राजीव कुमार सिंह, तत्कालीन सचिव आकाश सागर और ग्राम पंचायत अधिकारी विपिन कुमार सक्सेना भी दोषी पाए गए हैं।
इसी तरह रामनगर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुनरासी में भी वित्तीय अनियमिताएं पाए जाने पर ग्राम प्रधान धर्मपाल मौर्य के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए। यहां भी ग्राम पंचायत सचिव राजीव कुमार सिंह, तत्कालीन सचिव आकाश सागर, सचिन कुमार गंगवार और विपिन कुमार सक्सेना दोषी पाए गए हैं। डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि सरकारी धन के गबन के मामले में लीलौर व सुनरासी के ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज किए गए हैं।