बीडीए के जेई ने एक लाख रुपये की घूस तय करके सिकलापुर में अवैध फर्नीचर शोरूम बनवा दिया। शोरूम मालिक से 50 हजार रुपये ले भी लिए। मगर इसके बाद जब अफसरों से अवैध निर्माण की शिकायत हुई तो बीडीए की टीम निर्माणाधीन शोरूम को सील करने पहुंच गई। इस पर शोरूम मालिक ने फोन कर मदद के लिए वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल के एक सिपहसालार को मौके पर बुला लिया। वह आते ही बीडीए टीम पर भड़क गए। बोले- शर्म नहीं आती, 50 हजार ले गए, फिर भी शोरूम सील करने आ गए। इसके बाद बीडीए की टीम उन्हें मनाने में जुट गई। जैसे-तैसे उन्हें मनाकर शोरूम को सील किया गया।
सिकलापुर में नीलम होटल के सामने शिव कुमार अग्रवाल का फर्नीचर शोरूम बन रहा है। बीडीए से इसका नक्शा स्वीकृत नहीं था। बताया जाता है कि अनधिकृत शोरूम का बिना नक्शा निर्माण कराने के लिए बीडीए के जेई ने शोरूम मालिक से एक लाख रुपये तय कर लिए थे। इसमें वह 50 हजार रुपये ले भी गया। इसी बीच शिकायत अवैध निर्माण की बात बीडीए के उच्चाधिकारियों तक पहुंच गई तो शुक्रवार सुबह 11 बजे बीडीए के सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, उपसचिव अनिल मिश्रा के नेतृत्व में टीम उसे सील करने पहुंच गई।
बीडीए की टीम के पहुंचते ही शिव कुमार अग्रवाल ने पड़ोस में ही रहने वाले वित्तमंत्री के एक सिपहसालार को फोन करके बुला लिया। वह वहां पहुंचते ही बीडीए के जेई पर बरस पड़े। उन्होंने उससे पूछा कि जब एक लाख में बात तय हो गई और इसमें से 50 हजार ले भी गए तो फिर सील करने क्यों आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मंत्री के सिपहसालार ने बीडीए टीम की जमकर लानत मलानत की। बीडीए के अफसर उन्हें शांत करने की कोशिश करते रहे। आसपास के लोग भी जमा हो गए। काफी देर तक हंगामा होता रहा। आखिरकार काफी देर बाद बीडीए के अफसरों ने उन्हें समझाबुझाकर शोरूम को सील किया।
अपने ही मानचित्रकार का भी मकान करना पड़ा सील
बीडीए की टीम ने वित्त मंत्री के सिपहसालार के सामने अपनी मजबूरी बताते हुए शोरूम को सील कर लेने देने का अनुरोध किया। कहा कि बाद में मामला निपटवा दिया जाएगा। इस पर शोरूम मालिक के अलावा वित्तमंत्री के सिपहसालार भी भड़क गए। शोरूम के सामने ही बन रहे बीडीए के मानचित्रकार जगदीश यादव के मकान की ओर इशारा करते हुए बोले कि अगर कार्रवाई करने का इतना ही शौक है तो अपने मानचित्रकार जगदीश यादव का मकान क्यों नहीं सील करते। वह भी तो बिना नक्शा स्वीकृत कराए बन रहा है। इसके बाद बीडीए की टीम को जगदीश यादव का मकान भी सील करना पड़ा। जब मानचित्रकार का मकान सील हो गया तब सिपहसालार शांत हुए। मानचित्रकार लंबे समय से अपना आलीशान मकान बीडीए से नक्शा स्वीकृत कराए बिना बनवा रहा था। न कभी कोई जेई उसे पूछने आया, न ही उस पर कार्रवाई हुई। अधिकांश भवन बनकर तैयार हो चुका है।
यह जेई अब इस इलाके में न दिखे
बीडीए के मानचित्रकार का मकान सील होने के बावजूद मंत्री के सिपहसालार का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने बीडीए की टीम के आगे दूसरी शर्त रख दी कि शोरूम के अवैध निर्माण के लिए घूस लेने वाला जेई अब इलाके में नहीं दिखना चाहिए। वह यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि स्टाफ अवैध निर्माण कराने के रुपये भी ले और फिर कार्रवाई करे। बीडीए टीम को उनकी दोनों शर्तें माननी पड़ीं।