राजा सेठी और उसके बेटों के खिलाफ संगीन धाराओं मेें एफआईआर होने के बावजूद उसके बेटे नमनदीप का शांतिभंग में चालान किया गया। मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद नमनदीप को जमानत मिली। जिसके बाद सुभाषनगर थाने की पुलिस ने नमनदीप को दोबारा गिरफ्तार किया। सवाल उठता है कि अगर एफआईआर हो चुकी थी तो शांतिभंग में चालान क्यों किया गया। यही सवाल लेकर सिख समाज के कुछ लोग एडीजी कार्यालय पहुंचे। सुभाषनगर थाने की पुलिस कार्रवाई को सवालों के घेरे में लेने की कोशिश की गई, हालांकि एडीजी प्रेम प्रकाश ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर सबको भेज दिया। जिसके बाद सभी लोग मेयर कार्यालय पहुंचे। उमेश गौतम से मुलाकात करने के दौरान कहा गया कि सेठी से गलती हो गई, अब इन्हें बख्श दें। अगर अधिकारी कहेंगे तो वह सार्वजनिक माफी मांग लेंगे। गैर जमानती धारा हटा दीजिए। नगर निगम अतिक्रमण अभियान के दौरान सुभाषनगर में राजा सेठी की दुकान पर लगा एक बोर्ड हटाने के विरोध में उसके बेटे नमनदीप ने इंस्पेक्टर कृष्ण मुरारी दोहरे से हाथापाई कर ली थी। गिरहबान पकड़कर थप्पड़ मार दिया था। जिसके बाद पुलिस नमनदीप को घसीटते हुए थाने लाई, जबकि राजा सेठी और उसके दूसरे बेटे गगनदीप मौके से भाग निकले थे। नमन दीप को थाने लाने के बाद पुलिस ने एफआईआर लिखकर दाखिल करने की तैयारी शुरू की। इसी दौरान एक अफसर का फोन इंस्पेक्टर के पास पहुंच गया।
एफआईआर रहने दो, शांतिभंग में चालान करो
अफसर ने हड़काकर पूछा कि क्या साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। इतनी धारायें लगा दी... कोई धारा छोड़ी है तुमने। इसके बाद कहा गया कि एफआईआर रहने दो, शांतिभंग में चालान करने के बाद छोड़ दो। जिसके बाद इंस्पेक्टर ने शांतिभंग में चालान किया। लेकिन इस दौरान मामला मीडिया में उछल गया। एक और अधिकारी की पैरवी के बाद संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। जिसके बाद पुलिस के बड़े अफसर ने नाराजगी भी जाहिर की।
मेयर के फोन पर एसएसपी बोले-इंस्पेक्टर की इज्जत का मामला है
राजा सेठी प्रकरण में सिख समाज के कुछ लोग शुक्रवार दोपहर नगर निगम में मेयर उमेश गौतम से मिले। इसके लिए उन लोगों को करीब आधा घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद उन लोगों ने कमरे में बैठकर मेयर से बातचीत की। कहा कि राजा सेठी ने जो किया, वह गलत किया है। उसकी उन्हें काफी सजा मिल गई है। उनके बेटे को पुलिस ने जमानत मिलने के बाद दोबारा चालान कर दिया। मगर राजा सेठी को कुछ राहत दे दी जाए। मुकदमे में कुछ धाराएं ऐसी हैं, जो गैर जमानती हैं। अगर आप पुलिस से सिफारिश कर देंगे उन्हें कुछ राहत मिल जाएगी। अब उन्हें अपनी गलती का अहसास है, अगर आप कहेंगे तो हम उन्हें ले आएंगे और वह सार्वजनिक रूप से माफी मांग लेंगे। साथ ही राजा सेठी के बेटे को थाने से जमानत दिलाने की बात कही। इस पर मेयर ने एसएसपी से फोन पर इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा कि यह इंस्पेक्टर की इज्जत का मामला है। यह लोग उनको जाकर माफी मांग लें, अगर वह संतुष्ट होंगे तो जमानत दे सकते हैं।