शहर में बेसहारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के लिए नगर निगम की ओर से संचालित होने वाला नसबंदी अभियान ठेकेदार की लापरवाही के कारण शुरू नहीं हो पाया है। अनुबंध के चार महीने बाद भी नसबंदी शुरू न करने पर नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्यदायी संस्था ''''''''संतुलन जीव कल्याण फर्म'''''''' को अंतिम नोटिस जारी किया है। फर्म को एक सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर अनुबंध निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
शहर में लगातार बढ़ती कुत्तों की संख्या और उनके हमलों की शिकायतों के बीच नसबंदी अभियान को गति देने के लिए संतुलन जीव कल्याण फर्म को ठेका दिया गया था। लंबी अवधि बीतने के बावजूद फर्म ने अब तक धरातल पर कोई कार्य शुरू नहीं किया है। नगर निगम की ओर से पहले भी कई बार मौखिक और लिखित निर्देश दिए गए, लेकिन ठेकेदार ने नोटिस का जवाब देना तक उचित नहीं समझा।
पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि एजेंसी को अंतिम अवसर देते हुए नोटिस जारी किया गया है। यदि एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक जवाब और दस्तावेज नहीं मिले, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
बोर्ड बैठक में पार्षदों ने उठाए थे सवाल
बीते दिन हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में पार्षदों ने शहर में कुत्तों के बढ़ते आतंक पर सवाल उठाए थे। सपा पार्षदों ने महापौर से घेरा था, सवाल उठाए थे कि करोड़ों रुपये से बना एबीसी सेंटर का संचालन क्यों नहीं हो पा रहा है।