बरेली। कांग्रेस की मंडलीय कार्यशाला में पार्टी की जिला और महानगर कमेटी के कुछ पदाधिकारी राष्ट्रीय सचिव से भिड़ गए। इन पदाधिकारियों ने विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में धांधली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इसी दौरान महानगर उपाध्यक्ष ने पार्टी के राष्ट्रीय सचिव को अपशब्द कह दिए। इस पर पार्टी के कुछ नेताओं ने उनकी पिटाई कर दी और उन्हें कार्यशाला से बाहर निकाल दिया। इस दौरान आधा घंटे तक कार्यशाला में व्यवधान रहा।
पीलीभीत बाईपास स्थित लॉन में मंगलवार को कांग्रेस की मंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें राष्ट्रीय और प्रांतीय नेताओं के अलावा दस जिलों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यशाला में जब कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी तौकीर आलम भाषण दे रहे थे, तभी महानगर कमेटी के उपाध्यक्ष विजय मौर्य अपनी सीट से उठकर मंच के सामने आ गए। उनके साथ जिला उपाध्यक्ष ताराचंद चौधरी और उनके बेटे युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संदीप चौधरी भी थे। इन लोगों ने तौकीर आलम के भाषण के बीच में ही विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में धांधली की बात कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया। तौकीर आलम सहित पार्टी के कई नेताओं ने उन्हें समझाया कि कार्यशाला के बाद उनकी बात सुनी जाएगी, लेकिन विजय मौर्य फिर भी बहस करते रहे।
कार्यशाला में मौजूद लोगों ने बताया कि विजय मौर्य के राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम को अपशब्द कहने पर मामला भड़क गया। पास में ही बैठे बाहरी शहरों से आए पार्टी पदाधिकारियों ने विजय मौर्य को पकड़ लिया और पीटते हुए कार्यशाला से बाहर ले गए। ताराचंद चौधरी और उनके बेटे संदीप चौधरी को भी बाहर निकाल दिया गया। यह हंगामा करीब आधे घंटे तक चलता रहा। इस कारण कार्यशाला में भी व्यवधान रहा। इसके बाद सभी लोग फिर इकट्ठे हुए और कार्यशाला प्रारंभ हुई। बाद में ताराचंद चौधरी भी कार्यशाला में आकर बैठ गए।
- महानगर उपाध्यक्ष ने कार्यशाला के बीच में हंगामा कर दिया था तो उन्हें बाहर निकाल दिया गया। यह अनुशासनहीनता है और पार्टी के संज्ञान में है। इस पर कार्रवाई की जाएगी। किसी को कोई बात कहनी है तो अलग से कह सकता है। किसी भी सीनियर पदाधिकारी के साथ बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। - अनिल यादव, प्रदेश संगठन सचिव।
- पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम जब बोल रहे थे तभी विजय मौर्य, ताराचंद चौधरी, संदीप चौधरी अपने साथियों के साथ अपशब्द बोलते हुए कार्यक्रम में पहुंचे और बदतमीजी करने लगे। उन्हें कार्यक्रम में बुलाया भी नहीं गया था। जब पार्टी के अन्य लोग उन्हें समझाने लगे तो वे गालीगलौज करने लगे। इसके बाद कार्यकर्ता उन्हें बाहर ले गए। उन्होंने ऐसा करके घोर अनुशासनहीनता की है। ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - अशफाक अहमद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
- बड़ी पार्टी है। मनमुटाव होना सामान्य है। हालांकि कार्यशाला में जो कुछ हुआ वह ठीक नहीं था। अगर कोई विवाद है तो आपस में मिल बैठकर उसे खत्म किया जाएगा। - अजय शुक्ला, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष
‘कार्यशाला में बवाल करने की पहले से थी तैयारी’
बरेली। कांग्रेस की मंडलीय कार्यशाला में हंगामा अचानक नहीं हुआ। यह पूर्व नियोजित था और इसके कई कारण भी बताए जा रहे हैं। लगभग सभी पदाधिकारियों को इसकी जानकारी भी थी, फिर भी यह सोचकर ध्यान नहीं दिया कि कार्यशाला में बड़े पदाधिकारी और दूसरे जिलों के भी लोग होंगे, लिहाजा ऐसा कुछ नहीं होगा।
हंगामे की तह में जाएं तो पार्टी का हर शख्स अपनी अलग कहानी बयान करता है। किसी का कहना है कि विधानसभा चुनाव के लिए टिकट न मिलने को लेकर नाराजगी थी। किसी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कुछ पैसों के लेन देन का मामला है। एक और महत्वपूर्ण बात यह भी लोगों ने बताई कि कुछ लोगों की साजिश थी। दरअसल, वे जिलाध्यक्ष का पद हथियाने की कोशिश में लगे हैं, इसीलिए ऐसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं। ऐसी तमाम बातें लोगों ने अपने अपने तौर पर बताईं।