- छात्र-छात्राओं को दिया जाएगा 12 अंकों का यूनिक नंबर, ड्रॉपआउट रेट कम करने में मिलेगी मदद
बरेली। जिले के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षिक जानकारी अब एक क्लिक में यू-डायस पोर्टल पर मिलेगी। इसके लिए आधार कार्ड की तर्ज पर प्रत्येक विद्यार्थी का ऑटोमेटिड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार कार्ड) बनाया जाएगा। इससे प्रति वर्ष ड्रॉप आउट होने वाले विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा की मुख्य धारा में लाने में मदद मिलेगी।
बीएसए संजय कुमार सिंह के अनुसार अपार कार्ड एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें भारत सरकार की ओर से स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 12 अंकों का एक यूनिक नंबर जारी किया जाएगा। अपार कार्ड से आउट ऑफ स्कूल विद्यार्थियों का चिह्नीकरण हो सकेगा। विद्यार्थियों की शैक्षिक यात्रा व उनके अंकपत्र का विवरण अपार आईडी में सुरक्षित हो जाएंगे। यह व्यवस्था ड्रॉपआउट दर कम करने में सहायक होगी।
यू-डायस पोर्टल से बनेगी आईडी
आधार की तरह अपार कार्ड की भी कई खूबियां हैं। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति व उपलब्धि को ट्रैक करने के लिए अपार बनाने के निर्देश दिए हैं। यू-डायस पोर्टल के माध्यम से ही अपार आईडी बनाने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत केंद्रीय विद्यालय व नवोदय विद्यालय के कक्षा नौ से 12 तक के बच्चों की अपार आईडी जारी हो चुकी है। डिजिलॉकर की सहायता से सभी अकादमिक दस्तावेज 'वेरिफाइयबल क्रिडेंशियल' के रूप में प्राप्त होंगे।
अभिभावक देंगे सहमतिपत्र
जिले में संचालित परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा में विशेष अभिभावक-शिक्षक मीटिंग होगी। इसमें अपार कार्ड के लिए विद्यार्थियों के अभिभावक से सहमति लिखित रूप में लेकर स्कूल में संरक्षित की जाएगी। संवाद