फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुखार हुआ जानलेवा, तीन की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। जिले में बुखार से पीड़ितों की मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जिले के रामनगर, बिशारतगंज और भमोरा ब्लॉक में एक-एक बुखार पीड़ित की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने इन मौतों की जानकारी होने से इंकार किया है। दूसरी ओर, सोमवार को गैनी में हुई मौत की जानकारी के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां नहीं पहुंची। अफसरों ने मझगवां ब्लॉक में शासन से आई टीम में व्यस्त होने की वजह से गैनी नहीं पहुंचने की बात कही है। हालांकि, उन्होंने बुधवार को गैनी में कैंप लगाने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन

मंगलवार को रामनगर ब्लॉक के गांव खरगपुर निवासी विनोद की तीन साल की बेटी सपना की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक सपना 10 दिनों से बुखार से पीड़ित थी। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में ज्यादातर लोग संक्रामक रोगों की चपेट में हैं। गांव में साफ-सफाई के अभाव के चलते मच्छरों का आतंक हावी है। रामनगर सीएचसी प्रभारी डॉ. अजय कुमार के मुताबिक अब तक 75 बुखार पीड़ितों की जांच में 27 मरीजों में पीएफ की पुष्टि हुई है। बता दें कि इससे पहले बराथानपुर और साहपुर में दो बच्चों की मौत हो चुकी है।
मझगवां के निसोई गांव निवासी भैरव प्रसाद पिछले 3 दिनों से बुखार से पीड़ित थे। भैरव प्रसाद के पुत्र मनोज कश्यप के मुताबिक स्थानीय डॉ. मुस्ताक के क्लीनिक में पिता का इलाज चल रहा था। सोमवार की देर रात भैरव प्रसाद ने दम तोड़ दिया। बता दें कि मृतक के परिजनों ने सही से इलाज न करने को लेकर क्लीनिक पर जमकर हंगामा किया। मृतक के पुत्र ने गलत इलाज के कारण मौत होने का आरोप लगाते हुए झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
विज्ञापन

भमोरा के तखतपुर निवासी करन सिंह की 8 साल की बेटी जूली की मंगलवार को मौत हो गई। जानकारी होने पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के पास लोग पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टर की मिलीभगत से बिना ठोस कार्रवाई किए वे वापस लौट गए। जिससे क्षेत्रवासी आक्रोशित हैं।

35 में पीएफ की पुष्टि
आंवला। आंवला में बुखार पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक निरोधात्मक कार्रवाई करने नहीं पहुंची। मंगलवार को भी सीएचसी पर मरीजों की लंबी कतार लगी रही। केंद्र पर खून की जांच के बाद कस्बे के मोहल्ला विलायत गंज की नरेश की पत्नी गीता, ब्लॉक मंझगंवा के गांव खनगावा श्याम के राजू की पत्नी मुन्नी, रमपुरा के नरेश पाल की पुत्री कल्पना, पैगा के पप्पू लाल की पत्नी विमला देवी, नगरिया के करण सिंह के बेटा तेज सिंह, बजरिया के अब्दुल वहीद के बेटे इम्तियाज, ब्लॉक आलमपुर जाफराबाद के ताडगंज की ब्रजकिशोर की पत्नी रूपा, रमनगला के हरपाल की पुत्री रिंकू, मल गांव के बादाम सिंह के बेटे संजीव, ताडगंज के चेतराम की पत्नी रामादेवी सहित 35 लोगों को पीएफ की पुष्टि हुई।
झोलाछापों को दिया नोटिस
भमोरा। बुखार पीड़ितों की बढ़ती तादाद का लैब संचालक और झोलाछाप जमकर फायदा उठा रहे हैं। झोलाछाप और लैब संचालकों की मनमानी की शिकायत पर मंगलवार को अपर मुक्त चिकित्साधिकारी रंजन गोस्वामी ने बल्लिया में छापा मारा। उन्होंने दर्जन भर से अधिक झोलाछाप और लैब संचालकों को नोटिस जारी कर हिदायत दी। इसमें डॉ. श्रीपाल, डॉ. पाती राम, डॉ. आरबी, डॉ. बंगाली समेत जनता लैब व सविता लैब को नोटिस दिया है। बताते हैं कि फर्जी लैब संचालक डाक्टरों की मिलीभगत से प्रत्येक मरीज को पीएफ व पीवी की जानकारी देते हैं।

शासन से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मझगवां ब्लॉक का दौरा करने पहुंची थी, इसके चलते गैनी में टीम नहीं पहुंच सकी। बुखार से होने वाली मौतों का मामला संज्ञान में नहीं है। बुधवार को प्रत्येक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचकर जांच करेगी। बुखार पीड़ित झोलाछाप से इलाज कराने से बचें। - डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें