करवाचौथ का व्रत दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास की डोर को मजबूत करता है। आमजन की तरह ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी अपने परिवार के साथ इसे उल्लासपूर्वक मनाते हैं। बरेली में तैनात पुलिस और प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने करवाचौथ की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को अमर उजाला से अपने अनुभव साझा किए।
विज्ञापन
पत्नी के साथ डीएम अविनाश सिंह
- फोटो : अमर उजाला
वह परिवार संभालती हैं तो हम बेफिक्री से करते हैं जनसेवा
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म के व्रत और त्योहारों के पीछे वैज्ञानिक आधार हैं। पत्नी रूबी सिंह करवाचौथ का व्रत भावपूर्ण तरीके से रखती हैं। लखनऊ रह कर वह कुशलतापूर्वक घर-परिवार संभालती हैं तो हम बेफिक्री के साथ जनसेवा करते हैं। शुक्रवार को भी वह व्रत रहेंगी और फोन पर हम दोनों एक-दूसरे को शुभकामनाएं देंगे।
पत्नी के साथ एसएसपी अनुराग आर्य
- फोटो : अमर उजाला
दांपत्य जीवन की अहमियत बताता है यह व्रत
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि अपने त्योहारों को हमें उत्साह के साथ मनाना चाहिए। पत्नी पीसीएस ऑफिसर वनिका सिंह रूटीन के कामकाज के साथ करवाचौथ का व्रत रहती हैं। इस व्रत का आधार आपसी विश्वास, प्रेम, समर्पण और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना है। यह व्रत दुनिया को भारतीय संस्कृति में दांपत्य जीवन की अहमियत बताता है।
पत्नी के साथ नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य
- फोटो : अमर उजाला
उनके व्रत से हमारे भीतर होता है ऊर्जा का संचार
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि अपनी कला-संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों के प्रति हमारे अंदर हमेशा गर्व का भाव होना चाहिए। पत्नी डॉ. प्रकृति आनंद करवाचौथ का व्रत रहती हैं। हालांकि मेडिकल ऑफिसर होने के कारण वह मरीजों की देखभाल में व्यस्त रहती हैं। उनके व्रत रहने से हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
पत्नी के साथ एसपी सिटी मानुष पारीक
- फोटो : अमर उजाला
उनके व्रत से हमें मिलता है मानसिक संबल
एसपी सिटी मानुष पारीक ने कहा कि कार्तिक पर्वों की विशाल शृंखला का मास है। पत्नी प्राध्यापिका मेघना पारीक करवाचौथ का व्रत पारिवारिक मूल्यों के अनुसार रहती हैं। उनके व्रत और पूजा-पाठ से उन्हें मानसिक संबल मिलता है। करवाचौथ केवल आस्था और परंपरा का पर्व नहीं, बल्कि यह पति-पत्नी के रिश्ते की गहराई और विश्वास का प्रतीक भी है।