दुधवा के गैंडा परिवार से एक और खुशखबरी आने वाली है। पिछले वर्ष शुरू की गई गैंडा पुनर्वासन योजना फेज टू के बाड़ में पल रहे गैंडा परिवार की सदस्य कल्पना जल्द ही मां बनने वाली है। उसके गर्भवती होने की सूचना मिलने पर दुधवा प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है।
पिछले साल दुधवा टाइगर रिजर्व की बेलरायां रेंज के छंगा नाला क्षेत्र में गैंडा पुनर्वासन फेज टू योजना शुरू की गई थी। इसमें बांकेताल में चल रही फेज वन वाली बाड़ से तीन मांदा श्रीदेवी, कल्पना और समा के अलावा एक नर नेपोलियन को रखा गया। जिस समय कल्पना को फेज टू वाले बाड़ में लाया गया था तभी यह गर्भवती थी। अब दुधवा प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो कुछ ही दिनों में गैंडा परिवार में एक नए सदस्य की बढ़ोतरी हो सकती है। दुधवा प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी इसे लेकर काफी उत्साहित और खुश हैं।
1984 में शुरू हुई थी गैंडा पुनर्वास योजना
गैंडों को उनके पुरखों की धरती पर फिर से बसाने के लिए वर्ष 1984 में गैंडे लाकर गैंडा पुनर्वास योजना दुधवा नेशनल पार्क के बांकेताल में शुरू की गई थी। पहले चरण में असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से दो नर और तीन मांदा गैंडों को लाकर करीब 34 किलोमीटर क्षेत्र में ऊर्जा चालित तारों से घेरकर बाड़ में रखा गया था।
अगले साल 1985 में नेपाल से 16 हाथियों के बदले चार मादा गैंडा लाकर बांकेताल में छोड़ी गई थीं। इनसे इस परिवार में लगातार बढ़ोत्तरी होकर इनके परिवार का आंकड़ा 38 तक पहुंच गया। इस बात की पुष्टि भारतीय वन्यजीव संस्थान (देहरादून) के वैज्ञानिकों की टीम द्वारा दुधवा के गैंडों के डीएनए टेस्ट में हुई थी।