प्राइवेट फाइनेंसरों से समूह में कर्जा लेने वाली महिलाओं का कर्जा माफ का आश्वासन देने वाले ठग सक्रिय हो गए हैं। दो दिन से यह ठग महिलाओं को कलक्ट्रेट बुला रहे हैं। उनसे सिटी मजिस्ट्रेट के नाम ज्ञापन दिला रहे हैं, वहां पर कुछ वकीलों से 100-100 रुपये लेकर कर्जा माफी के आवेदन टाइप कराके जिलाधिकारी के नाम दिलाई। यह धंधा आज पूरे दिन चलता रहा। दूसरी ओर सिटी मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि कहा है कि प्राइवेट फाइनेंसर से कर्जा माफ कराने का अधिकार प्रशासन का नहीं है। लेकिन जबरन वसूली के नाम पर उत्पीड़न, मारपीट की जाती है तो पुलिस नियंत्रण कक्ष के 100 नंबर पर डायल करें। उनकी समस्या का समाधान कराने पुलिस पहुंचेगी।
महिलाओं का आरोप है कि उनको जन लक्ष्मी सहित आधा दर्जन फाइनेंस कंपनी 28 हजार रुपये का कर्जा देती हैं और डेढ़ साल में 42 हजार रुपये वसूलती है। तय समय पर भुगतान न करने पर उनके पुरुष एजेंट आते हैं और गंदी गंदी गालिया देते हैं। यहां तक कि पुरुष एजेंट महिलाओं से मारपीट भी करते हैं।
महिलाओं के उत्पीड़न की जानकारी पर प्रशासनिक अधिकारियों ने आगाह किया है कि शनिवार से ऐसे एजेंट और ठगों पर नजर रखी जाएगी। स्थानीय खुफिया एजेंसी को लगाया गया है जो कि वह यह पड़ताल करेगी कि ऐसे कौन हैं जो कि महिलाओं को गुमराह करके कलक्ट्रेट बुलाकर उनका समय और पैसा बर्बाद करा रहे हैं। उन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराके जेल भेजा जाएगा।