बिशारतगंज। मझगवां ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों में बुखार का प्रकोप चरम पर है। शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुखार रोगियों का आंकड़ा एक हजार पार कर गया। पहले पर्चे बनवाने इसके बाद प्रयोगशाला में जांच कराने के लिए मारामारी रही। भीड़ नियंत्रण के लिए कई बार प्रभारी चिकित्साधिकारी को अपना चैंबर छोड़कर व्यवस्था संभालने के लिए लगना पड़ा। जांच में साधारण मलेरिया के साथ रोजाना बड़ी तादाद में फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगी भी मिल रहे हैं।
एक सप्ताह से पीएचसी पर रोजाना पांच सौ से सात सौ तक रोगी पहुंच रहे थे। शनिवार को आठ सौ से अधिक नए व करीब तीन सौ पुराने लगाकर एक हजार से अधिक रोगी पहुंच गए। अस्पताल खुलते ही पर्चे बनवाने के लिए लंबी लाइन लग गई। अधिक भीड़ के कारण अफरातफरी मच गई। धक्का मुक्की शोर शराबा होने लगा प्रभारी चिकित्साधिकारी ने खडे़ होकर पर्चे जारी कराए। बुखार की जांच के लिए प्रयोगशाला के बाहर भी यही आलम रहा। पिछले दिनों एएनएम सहित अन्य कर्मियों को लगाकर गांव गांव जांच कराने के 23 टीम लगाई गई। टीम ने गांवों में बुखार से ग्रस्त रोगियों की जांच की जिसमें अधिकांश गांवों में फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगी मिले। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रोजाना बुखार रोगियों की जांच में 40 से 50 तक फेल्सीफेरम मलेरिया के रोगी मिल रहे हैं। शुक्रवार को जेडी व एडी ने पीएचसी का औचक निरीक्षण करने के अलावा कुंडरिया खुर्द गांव में बुखार रोगियों की जांच कराई थी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. वैभव राठौर ने बताया कि भीड़ को देखते हुए प्रयोगशाला में एलटी के साथ तीन एएनएम व चार एलए को लगाया है। मलेरिया विभाग की ओर से ब्लॉक क्षेत्र के सभी 141 गांवों में टीटीडी के छिड़काव के लिए 60 कर्मी लगाए गए हैं। जिन गांवों में फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगी मिल रहे हैं उन गांवों में छिड़काव कराया जा रहा है।
बुखार से पीड़ित युवक की मौत
बिशारतगंज। बुखार से ग्रस्त नगर के एक युवक ने शनिवार सुबह बरेली के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। वार्ड 9 निवासी अतीफ अल्वी (25) को शुक्रवार को बुखार आने पर पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां शनिवार तड़के उसकी मौत हो गई। अतीक की मौत से उसके घर में कोहराम मच गया। शव पहुंचा तो पूरे मोहल्ले में मातम छा गया।
देवरनिया में भी वायरल फीवर की चपेट में लोग
देवरनिया। क्षेत्र के कस्बा रिछा, दमखोदा, पिपरा, राठ, रहपुरा गनीमत, अरसिया बोझ, फरीदपुर कठर्रा, कनमन, बसुधरन चठिया आदि गांवों में वायरल फीवर का प्रकोप है। मरीज सरकारी अस्पताल में दवा लेने जात रहे हैं तो उन्हें काली पीली गोलियां देकर टरका दिया जा रहा है। इसके चलते लोग मजबूरन झोलाझाप के चक्कर में पड़ रहे हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।