बरेली। मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे झोलाछापों पर कार्रवाई के दावे कागजों तक सीमित हैं। हाल में इनके इलाज से आशा कार्यकर्ता, एक बच्चे और एक महिला की जान जा चुकी है। संबंधित आरोपियों पर कार्रवाई तो हुई, पर जिम्मेदार जिले में फैले झोलाछाप के जाल को नहीं काट सके।
झोलाछापों के अलावा जिले में अवैध क्लीनिक, हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, टेस्टिंग लैब, एक्सरे सेंटर भी धड़ल्ले से चल रहे हैं। प्रत्येक गांव और शहर के वार्डों में झोलाछापों ने ठिकाना बना रखा है। वे इलाज के नाम पर मरीजों को गुमराह कर रहे हैं। जान सांसत में पड़ने पर मरीज को रेफर कर देते हैं। तब तक मरीज की हालत गंभीर हो चुकी होती है और उन्हें बचाना विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित होता है।
बीते दिनों मीरगंज की युवती की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया, पर कार्रवाई बेअसर रही। नतीजा, मंगलवार को मीरगंज के नगरिया सादात निवासी अहसान के पांच माह के बेटे की जान चली गई। इससे पूर्व बरेली के किला छावनी में और बहेड़ी की युवती की मौत भी झोलाछाप के इलाज से हुई थी।
नोटिस देकर कार्यालय बुलाने का चल रहा खेल
झोलाछाप के इलाज से मौत होने पर स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटती है। चिकित्सा अधीक्षक और चिकित्साधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जांच के लिए निकलते हैं। नियमानुसार, झोलाछाप की पुष्टि पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है, लेकिन अफसर नोटिस देकर उनको कार्यालय बुलाते हैं। फिर शुरू होता है असली खेल।
आईएमए बना रहा एप
आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने बताया कि जिले में झोलाछापों के जाल को खत्म करने के लिए एप और वेबसाइट विकसित की जा रही है। मरीज या तीमारदार इस एप पर वैध डॉक्टरों, अस्पतालों को देख सकेंगे। आयुष्मान योजना में ओपीडी का विकल्प भी हो तो झोलाछापों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
सीएमओ बोले- कार्रवाई में मानव संसाधन की अड़चन
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह का कहना है कि डिप्टी सीएमओ और एसीएमओ के पद रिक्त हैं। जो वर्तमान में तैनात हैं, उन पर एक से ज्यादा जिम्मेदारी है। लिहाजा, पिछले माह झोलाछापों पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी तय की। दावा किया कि जहां पता चल रहा है, वहां कार्रवाई की जा रही है। लोगों से झोलाछाप के बजाय नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर इलाज कराने की अपील की है।
क्षेत्रवार इनको मिली है जिम्मेदारीडिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी को भोजीपुरा, शेरगढ़, अर्बन क्षेत्र, एसीएमओ डॉ. इंतजार हुसैन को बहेड़ी एवं मुड़िया नवी बक्श, एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार को फरीदपुर, बिथरी चैनपुर, भमोरा, क्यारा, आंवला, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित कुमार को मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी, एसीएमओ डॉ. प्रशांत रंजन को कुआंडांडा, नवाबगंज, दलेलनगर, डॉ. पवन कपाही को मझगवां, रामनगर का जिम्मा मिला है। ब्यूरो