बरेली। शहर की भूमिगत लाइनों में फॉल्ट खोजने के लिए स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 20 मार्च 2023 को एक करोड़ रुपये से खरीदी गई मशीन तीन साल में एक बार भी नहीं चली। यह विद्युत निगम के परिसर में खड़ी-खड़ी कंडम हो रही है। विद्युत निगम के कर्मचारी इसके संचालन में नाकाम साबित हाे रहे हैं।
शहर में बिजली का संकट गहराया हुआ है। उपकेंद्रों पर हंगामा और बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट की नौबत आ रही है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए यह मशीन लाई गई थी, ताकि बिना समय गंवाए भूमिगत केबल के फॉल्ट का सटीक पता लगाकर उसे ठीक किया जा सके लेकिन विभाग की नाकामी से स्मार्ट सिटी का यह बजट बर्बाद हो गया।