पूर्व मंत्री रामशरण वर्मा ने छुट्टा पशुओं समेत अन्य जन समस्याओं को लेकर मंगलवार को बीसलपुर स्थित मंडी समिति में क्षेत्रीय लोगों के साथ धरना शुरू किया। इस दौरान मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार पर कई सवाल उठाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा। वहीं मायावती के कार्यकाल की सराहना की। बोले की मायावती की सरकार में भ्रष्टाचार पर लगाम रहती थी। उन्होंने मंच से कहा कि जब तक जन समस्याओं का निस्तारण नहीं होता, वह धरने पर ही बैठे रहेंगे।
मांगों का निस्तारण न होने पर लिया गया आंदोलन का निर्णय
पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा ने मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ सात सूत्री मांगों को लेकर मंडी परिसर में धरना दिया। धरनास्थल पर सभा भी हुई। जिसमें मांगोंं का जल्द निस्तारण न होने पर आंदोलन का निर्णय लिया गया। शाम को सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने के बाद धरना समाप्त हो गया।
पूर्व मंत्री और उनके समर्थक मंडी परिसर में दोपहर 12 बजे धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद धरना स्थल पर सभा प्रारंभ हुई। पूर्व मंंत्री ने छुट्टा पशुओं, बंदरों, बाघों से बचाव की समुचित व्यवस्था कराने, बाढ़, वर्षा से किसानों को हुई क्षति का मुआवजा दिलाने, कोयला डिपो हटवाने, बजाज हिदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा, मकसूदापुर की इकाइयों से किसानों का अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान तत्काल दिलाने, नगर पालिका में कथित रूप से व्याप्त भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराने और बारह पत्थर मंदिर के पास तोड़ी गई दुकानों को पुन: बनवाने की मांग की।
सभा में यह भी तय किया गया कि यदि इन मांगों को समय रहते पूरा नहीं किया गया तो प्रशासन के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। शाम को सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर को ज्ञापन देने के बाद धरना समाप्त हो गया।