बरेली में अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या-छह) तबरेज अहमद ने मारपीट के आरोपी फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव ढकनी निवासी रफीक और उसके तीन बेटों रसीद, तौफीक व तस्दीक को दोषमुक्त करार दिया है। नाली के विवाद में अली अहमद ने सगे चाचा रफीक और चचेरे भाइयों पर लाठी-डंडों से पीटने का आरोप लगाया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उसने पैर फिसलने से चोट आने की बात कही। कोर्ट के फैसले के साथ ही दोनों पक्षों में 12 साल से चली आ रही मुकदमेबाजी का अंत हो गया।
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अली अहमद ने रफीक, रसीद, तौफीक व तस्दीक के खिलाफ फरीदपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 10 अप्रैल 2013 को सुबह 11 बजे वह अपने घर के बाहर नाली साफ कर रहा था। इसी दौरान आरोपी उस पर हमलावर हो गए। लाठी-डंडों से पीटकर उसे घायल कर दिया। उसकी मां अनवरी बचाने आईं तो उनको भी पीट दिया। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
सुनवाई के दौरान जिरह में अली अहमद ने बयान दिया कि रफीक उसका सगा चाचा और रसीद, तौफीक व तस्दीक चचेरे भाई हैं। 20 अप्रैल को उसकी चचेरे भाईयों से कहासुनी हो गई थी। इस दौरान काफी भीड़ जुट गई थी। पैर फिसलने से वह गिरकर जख्मी हो गया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।