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बरेली में दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर के नीचे दबकर पिता-पुत्र की मौत, चार घंटे बाद किसान ने देखा तो निकाले गए शव

Thu, 16 Oct 2025 03:59 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली के फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में बृहस्पतिवार को सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। ट्रैक्टर पलटने से उसके नीचे दबकर पिता-पुत्र की मौत हो गई। दोनों गन्ना बोवाई करने ट्रैक्टर से खेत पर जा रहे थे, तभी ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर चकरोड से नीचे गड्ढे में पलट गया था। सुनसान रास्ता होने के कारण दोनों काफी देर तक नीचे दबे रहे, जिससे तड़प-तड़पकर उनकी जान चली गई।
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मौके पर पलटा पड़ा ट्रैक्टर, सुमित का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में खेत पर गन्ने की बोआई करने जा रहे किसान का ट्रैक्टर बृहस्पतिवार सुबह खाई में पलट गया। हादसे में किसान और उसके पुत्र की मौत हो गई, दोनों करीब चार घंटे ऐसे ही दबे रहे। त्योहार से पहले पिता-पुत्र की मौत से परिवार में मातम छा गया है।

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ग्रामीणों की सूचना पर बृहस्पतिवार दोपहर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जानकारी जुटाई। अमित नाम के युवक ने बताया कि वह गांव सतुइया पट्टी के निवासी हैं। उनके पिता 50 वर्षीय नंद प्रकाश और भाई 22 वर्षीय सुमित पाल गांव के दूसरे छोर पर स्थित खेत में गन्ने की बोआई करने सुबह आठ बजे घर से निकले थे। भाई सुमित ट्रैक्टर चला रहा था, जबकि पिता साथ में बैठे थे। दोनों को खेत में काम कर रहे मजदूरों के पास जाना था। ट्रैक्टर में पीछे हैरो भी जुड़ा था। चकरोड सकरा होने के साथ ही एक छोर पर खाई है। शायद उनका ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खाई में पलट गया और उनके पिता व भाई की उसके नीचे दबकर मौत हो गई।

अमित ने बताया कि उन्हें दोपहर में हादसे की सूचना मिली तो घटनास्थल पर पहुंचे। थाना के प्रभारी निरीक्षक अभिषेक कुमार ने बताया कि दोनों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए हैं। चूंकि यह इत्तेफाक था, इसलिए किसी पर कोई आरोप नहीं है।

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समय से मिलती मदद तो बच सकती थी दोनों की जान
ट्रैक्टर खाई में पलटने के बाद उसके नीचे दबे पिता-पुत्र की जान बचने का कोई जरिया न बन सका। करीब चार घंटे तक दोनों इसी तरह ट्रैक्टर के नीचे दबे पड़े रहे। चार घंटे बाद जिस किसान ने उन्हें देखा, उसके पास मोबाइल न होने से गांव जाकर ही वह लोगों को बता सका। अगर समय पर मदद मिल जाती तो दोनों की जान बच सकती थी।

थाना के प्रभारी निरीक्षक अभिषेक कुमार ने बताया कि जिस संकरे और सुनसान खेतिहर रास्ते पर हादसा हुआ, वहां दिन में भी आवाजाही बेहद कम रहती है। खासतौर पर इस ओर जिन किसानों की खेती है, वही इधर जाते हैं। ऐसे में दोनों पिता-पुत्र ट्रैक्टर के नीचे सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक करीब चार घंटे दबे रहे। दोपहर में खेत से गन्ना छीलने के बाद खाना खाने घर जा रहे किसान धर्मपाल ने उन्हें दबा देखा तो उसके पास मोबाइल फोन नहीं था। 

धर्मपाल भागकर गांव पहुंचा तो ग्रामीणों व परिवार को सूचना दी। परिजनों समेत कई ग्रामीण तब मौके पर पहुंच गए। दूसरे ट्रैक्टर की मदद से दोनों को जब तक निकाला गया, उनकी मौत हो चुकी थी। इससे परिजनों हाल बेहाल हो गया। 

टायर बेचने का करते थे काम
ग्रामीणों ने बताया कि सुमित पाल की शादी नहीं हुई थी। करीब 20 साल पहले नंदप्रकाश परिवार के साथ शाही रोड पर भिटौरा पुलिया के पास घर बनाकर रह रहे थे। घर के बाहरी हिस्से में बनी दुकान में वह टायर का व्यवसाय करते थे। बेटे भी व्यवसाय व खेती में उनका हाथ बंटाते थे।



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