बहेड़ी। भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को बरेली मंडलायुक्त को ज्ञापन दिया है। उन्होंने केसर चीनी मिल की जमीन की नीलामी में धांधली का आरोप लगाया है। किसान नेताओं ने इस नीलामी को रद्द करके खुली नीलामी कराने की मांग उठाई है।
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष बलजिंदर सिंह मान के नेतृत्व में पदाधिकारी बुधवार को मंडलायुक्त से मिले। उन्होंने बताया कि जमीन का सरकारी मूल्य 7,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। बाजार में इसकी कीमत 15,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। इस हिसाब से जमीन की कीमत करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये बैठती है। लेकिन, इसे मात्र 28 करोड़ पांच लाख रुपये में बेचा गया।
आरोप है कि सब सुनियोजित तरीके से हुआ। तहसील परिसर में हुई नीलामी में बाहर के खरीदारों को शामिल होने से रोका गया। यह जमीन सत्ताधारी पार्टी के एक नेता के खास व्यक्ति को दी गई। चीनी मिल पर किसानों का 161 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। जमीन की उचित बिक्री से लगभग 75 फीसदी भुगतान हो सकता है। ज्ञापन देकर सक्षम अधिकारी की मौजूदगी में दोबारा नीलामी की मांग की गई।
मेट्रो सिटी में नीलामी के प्रचार की मांग
बलजिंदर सिंह मान के साथ चौधरी अजीत सिंह, चौधरी सुरेंद्र सिंह, योगेश पाल सिंह, अमरपाल सिंह, वंश चौधरी, नंदराम गुर्जर आदि नेता मौजूद थे। उन्होंने नीलामी प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया। किसानों ने मेट्रो सिटी के खरीदारों तक प्रचार करने की मांग की, जिससे बोली लगाने वाले बड़े खरीदार नीलामी में शामिल हो सकें और उचित कीमत मिल सके।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने भी दर्ज कराई आपत्ति
पूर्व ब्लॉक प्रमुख मोहन सिंह चौहान ने भी साथियों के साथ मंडलायुक्त से मुलाकात करके आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने भी कीमती जमीन को कौड़ियों के भाव नीलाम करने का आरोप लगाया। नीलामी रद्द कराने की मांग उठाई।
रालोद ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को हस्तक्षेप के लिए कहा
रालोद ने भी चीनी मिल की जमीन नीलामी में धांधली का आरोप लगाया है। रालोद नेता चौधरी सचिन सिंह ने नीलामी रद्द न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मामले की जानकारी देकर उनके हस्तक्षेप से नीलामी रद्द कराने के लिए अधिकारियों से बात करने को कहा है।