बरेली। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने बुधवार को ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) की लिखित परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के पहले दिन 17,818 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 9,087 अनुपस्थित रहे, जिससे उपस्थिति काफी कम दर्ज की गई। कुल 8,731 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। परीक्षा देकर बाहर निकले कुछ परीक्षार्थियों ने कहा कि रसायन विज्ञान के सवाल ज्यादा कठिन नहीं थे, तो कुछ ने कहा कि भौतिक विज्ञान ने मुश्किल बढ़ा दी। विषय के सवाल को हल करने में समय लगा।
बुधवार सुबह की पहली पाली में 8,771 में से 4,754 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 4,017 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 9,047 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3,977 ने परीक्षा दी और 5,070 अनुपस्थित रहे। दोनों पालियों में परीक्षा छोड़ने वालों की संख्या देने वालों से अधिक थी। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थियों के मोबाइल, बेल्ट और डिजिटल घड़ियां बाहर ही उतरवा ली गईं।
परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे सामान्य स्तर का बताया, लेकिन कुछ प्रश्नों को घुमावदार कहा। वहीं, कुछ अन्य अभ्यर्थियों ने पूरे प्रश्नपत्र को कठिन बताया। कई अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई कि यह परीक्षा 2022 के बाद अब आयोजित की जा रही है, जबकि इसे पहले भी कराया जा सकता था।
- परीक्षा का स्तर सामान्य था, लेकिन कुछ प्रश्न ऐसे थे जिन्हें हल करने में समय लगा और परेशानी भी हुई। रसायन विज्ञान के सवाल ज्यादा कठिन नहीं थे, लेकिन ज्यादा थे। - नवीन कुमार देव, मुरादाबाद
- पेपर सरल था, कई साल बाद होने के कारण परीक्षा की तैयारी अच्छी हो गई थी, लेकिन इंतजार भी करना पड़ा। भौतिक विज्ञान विषय के सवाल को हल करने में समय लगा। - बाबू राम, बिजनौर
- परीक्षा सरल और सामान्य थी । समय रहते परीक्षा तो पूरी कर ली, लेकिन पेपर के दौरान पकड़े गए नकलचियों के कारण मन में परिणाम का डर भी है। - धर्मेंद्र सिंह, मुरादाबाद