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Bareilly: किसानों ने केसर चीनी मिल के गेटों पर जड़े ताले, बैकफुट पर प्रबंधन, 22 दिसंबर तक करेगा पिछला भुगतान

Fri, 27 Oct 2023 06:20 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली के बहेड़ी में केसर चीनी मिल ने शुक्रवार से पेराई सत्र शुरू कर दिया है। पहले दिन ही जमकर हंगामा हुआ। पिछला भुगतान न मिलने से गुस्साए किसानों ने मिल में तालाबंदी कर दी, जिससे पेराई सत्र चालू होने के बाद चार घंटे बंद रखा। किसानों का आक्रोश देखते हुए मिल प्रबंधन बैकफुट पर आया। मिल प्रबंधन ने 22 दिसंबर तक पिछला भुगतान करने का आश्वासन दिया। 
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चीनी मिल में गन्ना किसानों ने किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के बहेड़ी में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने केसर चीनी मिल में धरना प्रदर्शन कर मिल प्रबंधन की बुद्धि-शुद्धि के लिए हवन किया। केसर चीनी मिल ने शुक्रवार को पेराई सत्र हवन पूजन के बाद सुबह 10 बजे शुरू किया लेकिन मात्र दो ट्रॉलियां ही तौल पाए। किसानों ने मिल के सभी गेट बंद कर दिए। चार घंटे के प्रदर्शन के बाद एसडीएम की मध्यस्थता में मिल के सीईओ व किसानों के बीच वार्ता कराई गई। 

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वार्ता के दौरान किसानों ने मिल के सीईओ को खरीखोटी सुनाई और गन्ना विभाग के अफसरों को बदलने की सलाह दी। सीईओ ने वायदा किया कि जमीन बिकने के बाद सारा भुगतान कर देंगे। इसके अलावा 20 दिसंबर तक पिछला भुगतान अदा कर देंगे, चालू सत्र का भुगतान समय से करेंगे। 

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तराई किसान मजदूर संगठन के आवाह्न पर किसान सुबह आठ बजे गन्ना समिति परिसर में इकट्ठा हुए। यहां चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मिल कैंपस में पहुंचे। मिल गेट पर किसानों ने बैलगाडी के तौल कांटे के सामने धरना प्रदर्शन किया। प्रबंधन की बुद्धि-शुद्धि के लिए हवन किया। इस दौरान एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय व सीओ डॉ तेजवीर सिंह ने किसानों को समझाने के प्रयास किए, लेकिन किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। किसानों ने मिल के गेट बंद कर ताले डाल दिए।

गन्ना समिति सचिव को मिल से बाहर खींचा  
किसानों ने गन्ना समिति के सचिव राजीव सेठ को मिल कैंपस से बाहर खींच लिया। इस दौरान धक्का मुक्की भी हुई। किसानों ने उन्हें धरने पर अपने साथ बैठाया। दोपहर करीब एक बजे एसडीएम की मध्यस्थता में किसानों के बीच मिल के सीईओ शरत मिश्रा को लाया गया। लेकिन किसान मिल प्रबंधन को झूठा बताते हुए मिल के सीएमडी हर्ष किला चंद्र से वार्ता करने पर अड़ गए। एसडीएम ने किसानों से कहा कि वो नहीं आए हैं उनके स्थान पर शरत मिश्रा से ही वार्ता होगी। 

मिल प्रबंधन जमीन बेचकर करेगा भुगतान 
एसडीएम ने कहा कि केसर मिल की मुड़िया फार्म की 29 एकड़ जमीन को बेचे जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। डीएम लगातार इसकी मानीटरिंग कर रहे हैं। मिल प्रबंधन सारा पैसा किसानों के पिछले भुगतान में भेजेंगे। किसान नेता चौधरी बिजेंद्र सिंह, इकबाल सिंह, केंद्र पाल सिंह, राकेश गंगवार, शोएब मलिक ,सरदार तरसेन सिंह किसानों की ओर से वार्ता के लिए तैयार हुए। इस पर मिल प्रबंधन ने 31 दिसंबर तक 135 करोड़ रुपये पिछला भुगतान करने की बात कही। इस पर किसान राजी नहीं हुए। घंटों बाद तय हुआ पिछला भुगतान 22 दिसंबर तक अदा किया जाएगा। एसडीएम , सीओ ने आश्वासन दिया कि अगर तय समय तक भुगतान नहीं दिया तो वह मिल के खिलाफ किसानों के साथ खड़े रहेंगे।
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किसान नेता चौधरी बिजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि मिल के गन्ना जीएम व डिप्टी जीएम किसानों के बीच फूट डालने का काम करते हैं। विवाद कराते हैं। इधर, गन्ना समिति के निवर्तमान डायरेक्टर विनोद चौधरी ने कहा कि इस धरने में सितारगंज व अन्य चीनी मिलों के किसान बैठे हैं, इनको यहां से हटाओ ,इस पर किसानों ने विरोध कर दिया। पुलिस ने दोनों गुटों को अलग कर मामला शांत कराया। एसडीएम ने कहा कि भुगतान की मांग जायज है उसी पर बात हो। 
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