लखीमपुर खीरी। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है लेकिन नियम-कायदे के हिसाब से पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। शासन का तर्क है कि 33 फीसदी या इससे अधिक फसलों को नुकसान होने पर मुआवजा दिया जा सकता है, इससे अधिकतर तहसीलों से नुकसान का आंकलन किए बगैर 33 फीसदी से कम नुकसान की रिपोर्ट भेज दी जाती है, या फिर रिपोर्ट ही नहीं भेजी जाती। जिससे पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की रिपोर्ट किसी तहसील से बुधवार को नहीं आई, लिहाजा डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सभी तहसीलदारों को मौके पर सर्वे कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि जनपद में मार्च, अप्रैल और मई में लगातार बारिश और ओलावृष्टि होती रही है, जबकि पिछले सालों में इन महीनों में इतनी बारिश नहीं होती थी। फसलों के पकने के समय बारिश और ओलावृष्टि ने जहां एक ओर उत्पादन में कमी लादी और फसलों को नष्ट कर दिया। बुधवार को किसान परेशान रहे और रिपोर्ट का इंतजार करते रहे।