अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह परिवर्तन यात्रा का संदेश लेकर रविवार को मझोला पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों के साथ वादाखिलाफी की है। किसान सम्मान निधि योजना में किसानों को लुभाने के लिए छह हजार रुपये की लॉलीपॉप दी जा रही है। जबकि किसानों का पूर्ण कर्ज माफ होना चाहिए थी। चुनाव में देशभर के किसान एकजुट होकर मोदी से हिसाब मांगेंगे।
रविवार सुबह डियूनीडाम मार्ग स्थित गुलड़िया मोड़ पर आयोजित जनसभा में वीएम सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने वादाखिलाफी कर हर वर्ग के साथ धोखा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना एक भी वादा पूरा नहीं कर सके। जिले की सांसद व केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि शेर किसान को खा जाए तो कोई बात नहीं, मगर किसान द्वारा जानवर से बचने को डंडा उठाए तो उसे जेल भेज दिया जाता है। आरोप लगाया कि विकास के नाम पर पीलीभीत में बड़ी रेल लाइन डलवाने का मेनका गांधी श्रेय ले रही हैं, जबकि सच्चाई यह है कि 2007 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मेरे कहने पर बड़ी रेल लाइन को मंजूर दी थी। इस वह अपने विकास से जोड़कर देख रहीं हैं।
उन्होंने कहा कि 2014 में चुनाव से पहले फसल की लागत का डेढ़ गुना दिलाने का वादा किसानों से झूठा किया गया। कहा कि सरकार बदलते ही नेता बदल जाते हैं। ऐसा कानून बनाएंगे कि कर्ज माफ ही नहीं, बल्कि किसानों को पूरी तरह कर्ज से मुक्त कर दिया जाएगा। इसी आधार पर संसद में निजी बिल पास कराने का काम किया जाएगा। उन्होंने तल्ख तेवरों में कहा कि वह किसान के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, किसी पार्टी विशेष की बात नहीं करते। किसानों से जो वादा किया गया है, उसे प्रधानमंत्री को निभाना चाहिए थे। इसके अलावा भूड़ा कैमोर व कटईयां गुरुद्वारे पर भी किसानों से वार्ता की। वीएम सिंह ने दो मार्च को परिवर्तन संदेश यात्रा के समापन पर अधिक से अधिक से किसानों से पहुंचने की अपील की। यहां किसानों के हित में बात की जाएगी। कई राज्यों के किसान नेता इसमें शामिल होंगे।