बिशारतगंज। थाना क्षेत्र के गांव मजरा देवपुरा गौंटिया में बृहस्पतिवार तड़के एक किसान ने जंगल में नीम के पेड़ पर लटककर जान दे दी। मृतक का अपने भाई से संपत्ति बंटवारे को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। छह दिन पहले पुलिस ने उसका शांति भंग में चालान भी किया था।
ग्राम पंचायत मलगांव के मजरा देवीपुरा गौंटिया निवासी रामदास पाली (45) बृहस्पतिवार तड़के सोकर उठने के बाद घर से पशुओं को चारा डालने की बात कहकर जंगल में चले गए। वहां उन्होंने नीम के पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। गांव के लोग खेतों पर काम करने पहुंचे तो रामदास को पेड़ पर लटका देख उसके घर पर खबर दी।
कुछ ही देर में परिवार वाले वहां पहुंच गए और रोना पीटना मच गया। गांव वालों की भीड़ लग गई। सूचना पर थाना प्रभारी सतीश कुमार फोर्स के साथ पहुंचे। रस्सी काटकर रामदास को नीचे उतरा, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने शव पोस्टमाॅर्टम के लिए भिजवाया है।
दोनों भाइयों में हो गया था समझौता
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक का अपने भाई रामेश्वर से संपत्ति बंटवारे को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। 16 जनवरी को पुलिस ने रामदास के विरुद्ध शांति भंग में चालान भी किया था। तीन दिन पहले पड़ोस गांव मलगांव के प्रमुख लोगों ने दोनों भाइयों के बीच संपत्ति विवाद के मामले में समझौता कर दिया था। विवाद के निपटारे के बाद भी रामदास ने खुदकुशी क्यों की। इसको लेकर तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। रामदास के तीन बेटे व चार बेटियां हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है। संवाद