बरेली पुलिस ने अभी भमोरा के लंगुरा गांव में युवक को गिराकर पीटने के आरोप खारिज किए ही थे कि रविवार को सिरौली की नवाबपुरा चौकी की पुलिस ऐसे ही आरोपों से घिर गई। पृथ्वीपुर गांव के एक किसान ने सीओ से शिकायत की है कि एक हजार रुपये न देने पर सिपाही ने चौकी में बंद करके उसे पट्टे से पीटा।
इस अभियुक्त किसान ने शांतिभंग के मामले में आंवला के एसडीएम कोर्ट में पेशी के लिए वैन से ले जाए जाने पर वैन का किराया देने से इनकार कर दिया था। पृथ्वीपुर के रहने वाले किसान रामवीर यादव ने बताया कि उनका गांव के श्रीपाल से उपलों को लेकर झगड़ा हो गया था।
पुलिस ने उन दोनों पर शांतिभंग का मामला दर्ज करके चालान कर दिया। चौकी पुलिस उन दोनों को एसडीएम के कोर्ट में पेश करने के लिए किराए की एक वैन से आंवला ले गई। झगड़े के एक अन्य मामले के दो अभियुक्तों को भी इसी वैन से ले जाया गया।
आरोप है कि जमानत के बाद वापसी में सिपाही ने चारों लोगों से एक-एक हजार रुपये मांगे। रामवीर ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए रकम देने में असमर्थता जताई। इससे सिपाही बौखला गया और बाकी तीन लोगों को वैन से उतार दिया।
मगर रामवीर को वैन से नहीं उतरने दिया और सीधे चौकी ले जाकर बंद कर दिया। आरोप है कि चौकी में रामवीर की पट्टों से जमकर पिटाई की, फिर धमकी देकर छोड़ा। किसान कराहते हुए घर पहुंचा। रात भर पट्टों की पिटाई से हुए दर्द से परेशान किसान ने रविवार को सीओ आंवला से शिकायत कर सिपाही पर कार्रवाई की मांग की।
अभी हमारे पास शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत मिलती है तो जांच कराकर सिपाही पर कार्रवाई की जाएगी।
-चमन सिंह चावड़ा, सीओ आंवला
सुर्खियों में रही है नवाबपुरा चौकी
नवाबपुरा चौकी पुलिस की कारगुजारियां पहले भी चर्चा में रही हैं। रुपयों के खातिर पीटने का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी एक खनन माफिया के कहने पर सुकटिया के अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति को चौकी में बंद करके पहले तो जमकर पीटा था, फिर पेशाब पिलाई गई थी।