शीशगढ़/बरेली। पराली जलाने की शिकायत पर एलएलबी के एक छात्र को धमकाना इंस्पेक्टर के गले की फांस बन गया है। मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद मामले को मैनेज करने की तमाम कोशिशों के बावजूद इंस्पेक्टर पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। सीओ ने जांच लगभग पूरी कर ली है और शुक्रवार को एसएसपी के जरिए वह एडीजी को रिपोर्ट भेज सकते हैं।
टांडाछंगा के इरशाद खां को इंस्पेक्टर शीशगढ़ सुरेंद्र सिंह पचौरी ने रासुका लगाकर जेल भेजने की धमकी दी थी। जांच कर रहे बहेड़ी सीओ रामानंद राय ने बृहस्पतिवार को इरशाद के घर पहुंचकर बयान दर्ज किए। धमकी भरा ऑडियो भी लिया। मामला मीडिया में उछलने के बाद बैकफुट पर आए इंस्पेक्टर ने बुधवार को इरशाद को थाने बुलाकर बंद कमरे में चाय पिलाकर करीब ढाई घंटे बात की थी। बाद में उसे बरेली ले जाने की बात कहकर चले गए। सूत्रों के मुताबिक इंस्पेक्टर ने अपने कुछ हमदर्दों को इरशाद के पीछे लगा रखा है, जो उसके घर डेरा जमाए हैं और इरशाद से समझौतानामा लिखवाने में जुटे हैं। सीओ बहेड़ी रामानंद राय ने बताया कि इरशाद के घर जाकर उसके बयान दर्ज किए हैं। शुक्रवार को इंस्पेक्टर का पक्ष लेकर रिपोर्ट अफसरों को भेजी जाएगी। इंस्पेक्टर और छात्र के बीच किसी समझौते की हमें जानकारी नहीं है।
चार दिन पुराना वीडियो किया था वायरल
एससपी ने बताया कि कल उनकी पीड़ित छात्र से मुलाकात हुई थी। उसी ने बताया कि पराली जलाने का वीडियो चार दिन पुराना पांच नवंबर की रात का था। इसमें भी आरोपी को नोटिस जारी हो चुका था। छात्र ने अयोध्या फैसले के वक्त नौ नवंबर को वीडियो हाल का दिखाकर ट्वीट किया। साइबर सेल से इंस्पेक्टर की फटकार लगी तो वह समझ नहीं सके कि क्या वीडियो वायरल हुआ है। उन्हें गुस्सा आया और ये कहानी बन गई। एसएसपी ने कहा कि सीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।