बरेली। रास्ते के विवाद से परेशान मीरगंज निवासी लाल सिंह ने बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे कलक्ट्रेट गेट पर परिवार के साथ आत्मदाह की कोशिश की। वह साथ में बोतल में पेट्रोल लेकर आया था। कलक्ट्रेट गेट पर पेट्रोल अपने ऊपर उड़ेल लिया। इस दौरान इंटेलिजेंस के दरोगा व पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और कोतवाली ले गए।
मीरगंज थाना क्षेत्र के खमरिया साहनी गांव निवासी लाल सिंह अपनी पत्नी, बेटी, मां और भाई आदि के साथ सुबह करीब 11:45 बजे कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचे। यहां उन्होंने चौराहे की रोटरी के पास खड़े होकर हाथ में पकड़े थैले से दो लीटर की बोतल निकाली और अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने लगे। उसने खुद को आग लगाने की भी कोशिश की, लेकिन इंटेलिजेंस के दरोगा ने उसे मौके पर पकड़ लिया। तब तक पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। पेट्रोल के छींटे लाल सिंह की पत्नी व बेटी पर भी पड़े थे। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल, फिर कोतवाली ले जाया गया।
पड़ोसी होमगार्ड पर लगाया आरोप
लाल सिंह ने बताया कि उनके घर के निकास को लेकर पड़ोसियों से चालीस साल से विवाद चल रहा है। उन्होंने इस संबंध में सैकड़ों बार शिकायतें की थीं। थाना समाधान दिवस, संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतीपत्र दिए। अन्य अधिकारियों से भी संपर्क किया था। बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हुआ। लाल सिंह का आरोप है कि मीरगंज एसडीएम कार्यालय में तैनात होमगार्ड उनके पड़ोस में रहता है जो उन्हें काफी समय से परेशान कर रहा है। राजस्व विभाग की जांच में सरकारी खड़ंजा मार्ग अवरुद्ध होने की पुष्टि हुई है। गांव के चंद्रपाल और रामप्रकाश पर रास्ते पर वाहन खड़ा करने और जानवर बांधने का आरोप है। इससे लाल सिंह समेत कई परिवारों का आवागमन बाधित होता है।
पहले भी हुए प्रयास लेकिन हुआ समाधान
रास्ते के विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हो चुका है। वर्ष 2023 में पुलिस की मौजूदगी में समझौता कराया गया था। दिसंबर 2025 में प्रशासन ने रास्ते से अतिक्रमण हटवाया था, लेकिन बाद में फिर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया। बृहस्पतिवार को घटना के बाद पुलिस ने लाल सिंह को समझाकर शांत कराया। प्रशासन ने पूरे मामले की दोबारा जांच कर रास्ते के स्थायी समाधान का आश्वासन दिया है।
वर्जन
लाल सिंह नाम के व्यक्ति ने परिवार के साथ आकर आत्मदाह की कोशिश की। पुलिस ने उसे बचा लिया। उसका अपने पड़ोसियों से विवाद है। इस मामले में प्रशासनिक व पुलिस स्तर पर जांच कराई जा रही है। - आशुतोष शिवम, सीओ प्रथम