कहा- फैंसी लाइट का पोल तोड़कर नगर निगम की छवि की जा रही है धूमिल
बरेली। दो करोड़ की लागत से प्रभात नगर से गांधी उद्यान तक लगाई गईं फैंसी लाइटों में से एक मय पोल के 25 जुलाई को बारिश में धराशाई हो गई थी। कंपनी गार्डन के सामने टूटे इस पोल का ठीकरा अब जलकल महाप्रबंधक के सिर फोड़ने की तैयारी है। मेयर ने उन्हें प्रकाश विभाग के अध्यक्ष पद से हटाने के लिए नगर आयुक्त को चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा है कि उनके प्रकाश विभाग के अधीक्षक बनने के बाद से भ्रष्टाचार बढ़ा है। पार्षद भी उनसे परेशान हैं। फैंसी लाइटों के मामलों में भी उनकी भूमिका सही नहीं है।
मेयर ने नगर आयुक्त अभिषेक आनंद को लिखे पत्र में कहा कि प्रकाश विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया है। ठेकेदार, पार्षद तक प्रकाश विभाग के अधीक्षक का कामकाज संभाल रहे जलकल महाप्रबंधक के रवैये से परेशान हैं। उपसभापति छंगामल मौर्य ने भी बताया है कि प्रकाश विभाग के प्रभारी पद पर तैनात जलकल विभाग के महाप्रबंधक ने भ्रष्टाचार फैला रखा है। वह नगर निगम की छवि धूमिल कर रहे है। फैंसी लाइटों के मामले में भी इनकी भूमिका सही नहीं है। फैंसी लाइट का पोल तोड़कर निगम की छवि धूमिल की जा रही है। मेयर ने नगर आयुक्त से किसी ईमानदार अधिकारी को प्रकाश विभाग के अधीक्षक पद की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
वर्जन-
मुझ पर लगाए जा रहे सारे आरोप बेबुनियाद हैं। मैं खुद प्रकाश विभाग के अधीक्षक पद पर नहीं रहना चाहता हूं। इस संबंध में नगर आयुक्त से खुद कह चुका हूं।- आरके यादव, जलकल महाप्रबंधक