बरेली। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से पारिवारिक संबंध बताने वाले शातिर ने पांच करोड़ का टेंडर दिलाने का झांसा देकर रेस्टोरेंट मालिक के ही 48 लाख रुपये नहीं हड़पे बल्कि डीएम के अर्दली को भी उसके बेटे की स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का लालच देकर साढ़े चार लाख का चूना लगा दिया। सोमवार को इस नए मामले का खुलासा होने के बाद सीएमओ कार्यालय में फिर खलबली मच गई।
सीएमओ कार्यालय की मुहर और फर्जी हस्ताक्षर से जिले भर के झोलाछापों से वसूली करने के मामले में स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ पहले से घिरा हुआ है। अब खुद को सीएमओ का करीबी बताने वाले कैंट इलाके में रहने वाले अनुराग मिश्रा के ठगी के दो बड़े मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में सनसनी का माहौल है। सोमवार को अनुराग के हाथों डीएम के अर्दली को ठगने के मामले का खुलासा हुआ। डीएम के अर्दली के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले अनुराग ने उनसे उनके बेटे को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर साढ़े चार लाख रुपये लिए थे। काफी समय बाद भी नौकरी न लगने पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पहुंचकर बाबुओं से बात की तो अनुराग के ठगी के और कारनामे पता चले। डीएम का अर्दली होने के बावजूद ठगी का शिकार होने को लेकर बदनामी की आशंका से उन्होंने चुपचाप मामला निपटाने की कोशिश की मगर अनुराग ने उनकी रकम वापस नहीं की। उन्होंने अब अनुराग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
चक्कर कटवाता रहा लेकिन रकम नहीं लौटाई
डीएम के अर्दली के मुताबिक उन्होंने ठगी का शिकार होने के बाद अनुराग के घर जाकर उसके पिता को रकम वापस न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। अनुराग ने 85 हजार रुपये तो लौटा दिए मगर साल भर से ज्यादा गुुजरने के बाद भी 3.75 लाख रुपये वापस नहीं किए।
तीन पुलिस वालों को भी ठग चुका है नटवरलाल
अर्दली का कहना है कि सिर्फ वही नहीं, अनुराग ने तीन पुलिस वालों को भी ठगा है और उनकी रकम लेकर अब तक फरार है। उन्होंने बताया कि अनुराग खुद को अफसरों का बेहद करीबी और उनसे पारिवारिक संबंध होने का दावा करने के साथ एक विधायक और प्रशासन के एक आला अधिकारी का रिश्तेदार भी बताता है। लोगों को वह अफसरों के साथ खिंचवाए गए फोटो भी दिखाता है और उन्हें झांसे में ले लेता है।