नत्थूलाल के बड़े भाई रामगोपाल उर्फ कल्लू ने की थी मामले की शिकायत
बरेली। खुद और बेटे की बिरादरी बदलने वाले नत्थूलाल के फर्जीवाड़े पर अंतिम कार्रवाई हो गई है। वह बेटे संग गड़रिया से ग्वाल बन गया था। जिला स्तर पर गठित सत्यापन समिति ने नत्थूलाल और उनके बेटे राजीव के फर्जी जाति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया है। नत्थूलाल के बड़े भाई रामगोपाल उर्फ कल्लू ने मामले की शिकायत की थी। आंवला के नायब तहसीलदार ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि नत्थू लाल ग्वाल नहीं बल्कि गड़रिया जाति का है। रिपोर्ट में शिकायतकर्ता रामगोपाल का भी बयान दर्ज है।
एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने बताया कि नत्थूलाल आंवला तहसील के सिरौली कस्बे के वार्ड-11 का मूल निवासी है। वह शहर में डेलापीर के पास चंद्रमणिनगर बुद्ध विहार में रहता है। तथ्यों को छिपाकर उसने सदर तहसील से पांच अगस्त 2004 को ग्वाल (अनुसूचित जाति) का प्रमाणपत्र बनवा लिया था। इसके बाद उसने बेटे राजीव कुमार की भी जाति ग्वाल दिखाकर छह मार्च 2018 को प्रमाणपत्र जारी करा लिया। इन दोनों प्रमाणपत्रों को मंगलवार को सत्यापन समिति ने रद्द कर दिया।
समिति के सदस्यों ने निर्देश दिए हैं कि दोनों फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त करते हुए उसकी एक प्रति नत्थूलाल और उसके बेटे राजीव कुमार को तामील कराकर दूसरी प्रति पर गवाहों की उपस्थिति के हस्ताक्षर के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। संवाद
पौत्री के विवाह में आ रही अड़चन
शिकायतकर्ता रामगोपाल का कहना है कि भाई नत्थूलाल ने कागजों में अपनी और दोनों बेटों की जाति बदल ली। इससे रिश्तेदार व पड़ोसी भी नाखुश हुए, पर नत्थू दोबारा गड़रिया जाति का कहलाने के लिए राजी नहीं हुआ। इससे पौत्री के विवाह में अड़चन आ रही है। कई जगह रिश्ता तय होने के बाद भी टूट गया। भाई के जाति बदलने से क्षेत्र में बदनामी भी हो रही है। इसलिए उन्होंने शिकायत की थी।