फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: अफवाहों पर विराम लगाएं डिजिटल वॉलंटियर

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। मौजूदा परिवेश में सोशल मीडिया एवं डिजिटल वॉलंटियर की भूमिका है। पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर यह लोग समाज में फेक न्यूज़ (भ्रामक सूचनाओं) की पहचान कर अफवाहों की रोकथाम कर सकते हैं। एडीजी जोन रमित शर्मा. डीआईजी रेंज अजय साहनी व अन्य अधिकारियों ने पुलिस लाइन में बरेली जोन के नौ जिलों के डिजिटल वॉलंटियर को यही संदेश दिया।
विज्ञापन

पुलिस लाइन के रविंद्रालय सभागार में एडीजी रमित शर्मा ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक सूचना के विरुद्ध प्रभावी रूप से कार्य करने में डिजिटल वॉलंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करना है। इसके तीन प्रकार दुर्भावनापूर्ण जानकारी, भ्रामक जानकारी और गलत जानकारी है। उन्होंने अफवाहों की समय रहते पहचान एवं खंडन किए जाने की आवश्यकता बताई। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विशेषकर डीप-फेक तकनीक के संभावित दुरुपयोग के प्रति सतर्क रहने पर जोर दिया। साथ ही सोशल नेटवर्किंग साइट्स के माध्यम से की जा रही समाज विरोधी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश के संबंध में भी जानकारी दी गई। ब्यूरो

बरेली और रामपुर एसएसपी ने पेश की पीपीटी
एसएसपी बरेली अनुराग आर्य व एसपी रामपुर विद्यासागर मिश्र ने अफवाहों व भ्रामक खबरों को रोकने के संबंध में पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। एडीजी रमित शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को भांपते हुए 2015 में मेरठ में प्रदेश की पहली सोशल मीडिया लैब की नींव रखी गई थी। उस वक्त वह डीआईजी मेरठ थे। उनके नेतृत्व में स्थापित यह लैब उस दौर में पुलिसिंग के लिए मील का पत्थर साबित हुई। मेरठ की यह पहल पूरे उप्र के लिए मॉडल बनी और डिजिटल युग में पुलिस की रणनीति को नई दिशा दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें