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Bareilly News: सड़कों से गायब रिफ्लेक्टर, सफेद पट़्टी.... हादसों का बढ़ा खतरा

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रोड किनारे रखे मिटटी भरे कटटे जिनपर कोई निशान नही लगाये गये है। जो कोहरे में हादसा का सबब बन रह
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अधिकारियों के तमाम दावे हवा-हवाई हो रहे साबित, चौराहों से लेकर डिवाइडर तक नहीं लगे रिफ्लेक्टर
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रामनगर/आंवला/गुलड़िया/बहेड़ी। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर अधिकारियों की तरफ से तमाम दावे किए जा रहे हैं। इधर, कोहरे के बीच सड़कों से थर्मोप्लास्टिक की सफेद पट्टी और डिवाइडर से रिफ्लेक्टर ही गायब हैं। ऐसे में दृश्यता कम होने पर सड़क हादसे का खतरा बना हुआ है, लेकिन अभी तक जिम्मेदारों ने कोई तैयारी नहीं की है।
आंवला से शाहबाद मार्ग का चौड़ीकरण हो चुका है। इससे वाहन सरपट दौड़ रहे हैं। सर्दी का समय आ गया है और कोहरे की घनी चादर भी मार्ग में अवरोध पैदा करेगी। प्रशासन ने खानापूर्ति कर छोड़ दिया है। मार्गों, मोड़, डिवाइडर व चौराहों आदि कहीं पर भी थर्मोप्लास्टिक की सफेद पट्टी और न ही कोई रिफ्लेक्टर बनाए हैं। रामनगर शाहबाद रोड पर रामनगर मऊ चंदपुर के बीच मोड़, रेवती रेलवे स्टेशन मोड़, इत्यादि मुख्य मार्गों पर थर्मोप्लास्टिक की सफेद पट्टियां न होने से वाहन चालकों को धुंध के समय भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि कुछ सड़कों पर निर्माण कार्य जारी होने के कारण सफेद पट्टियां नहीं लगाई जा सकती, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा उन सड़कों पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सड़कों पर सफेद पट्टी लगवा दी जाएगी।
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सड़क के किनारे बनी सफेद पट्टी से वाहन चालकों को सड़क के दायरे का अंदाजा हो जाता है। ऐसा न होने पर हादसों की आशंका बढ़ जाती है। रामनगर मऊ चंदपुर के रसूलपुर मोड़ के पास हर वर्ष दर्जनों हादसे होते हैं। इधर, बहेड़ी में रिफ्लेक्टर लगाने का काम शुरू नहीं किया गया है। हाईवे पर रिफ्लेक्टर जरूर लगे हैं, लेकिन नगर के पुराने रोड पर कहीं भी यह नहीं लगाए गए हैं।


पूरे इलाके में एक भी रास्ते पर नहीं लगा रिफ्लेक्टर
गुलड़िया। थाना आंवला और सिरौली इलाके के मुख्य मार्गों पर भी अभी तक रेडियम रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए हैं, जबकि तमाम रास्तों पर सड़क के बिल्कुल किनारे पर पेड़ और बिजली के पोल तक खड़े हुए हैं। इनसे सर्दी में घना कोहरा होने पर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
अलीगंज से लेकर सिरौली तक और सिरौली से लेकर आंवला तक तहसील को जोड़ने वाले दो मुख्य मार्ग हैं। इन मार्गों पर हर समय भारी वाहनों का आवागमन बड़ी संख्या में रहता है। रात को भी इन रास्तों पर खूब वाहन निकलते हैं। पिछले दिनों आंवला के विधायक और कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह की फ्लीट भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसके अलावा रास्ते चौड़े और ठीक होने के कारण वाहन तेजी से दौड़ लगा रहे हैं।
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मिट्टी के कट्टे रख किए खानापूर्ति

भंडसर/हाफिजगंज। बरेली से सितारगंज के रोड का चौड़ीकरण तो हो रहा है, लेकिन विभाग द्वारा कोई भी सांकेतिक चिह्न नहीं लगाया गया है। यहां रोड किनारे सिर्फ मिट्टी भरकर कट्टे रख दिए गए हैं। यहां आए दिन घटनाएं हो रही हैं। बीते दिनों छात्रों को लेकर जा रही स्कूल की गाड़ी पलट गई, जिसमें छह लोग घायल हो गए। क्षेत्र के मान सिंह, टीकाराम, अनोखेलाल आदि ने बताया कि इन खामियों की वजह से आए दिन घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। संवाद


टेंडर निकाल दिया गया है। प्रक्रिया पूर्ण होते ही रिफ्लेक्टर और संकेत चिह्न का कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा।
- राजीव भारती, जेई, पीडब्ल्यूडी
संवाद
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