आरोपियों ने पीड़ितों के प्रमाणपत्र भी रख लिए
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जुलाई में उसे व कई अन्य लोगों को जर्मनी भेजने के नाम पर व समय-समय पर झूठ बोलकर लगभग 15 से 20 लाख रुपये लिए गए। आरोपी ने तमाम लोगों के प्रमाणपत्र भी अपने पास रख लिए। वह न ही पीड़ितों के कागजात वापस कर रहा था और न ही रुपये वापस दे रहा था।
वह सब इंस्पेक्टर की वर्दी का फोटो अपनी डीपी पर अक्सर लगाता था। उसके पास सफेद रंग की एक्सयूवी कार है जिस पर पुलिस की लाइट तथा हूटर भी लगा है। दलवीर सिंह से आरोपी ने 3.54 लाख रुपये मोबाइल एप के जरिये ले लिए। रुपये वापस मांगने पर जितेंद्र ने दरोगा होने का रौब दिखाकर उन्हें जेल भेजने की धमकी दी।
छात्रा से बोला- जेल भिजवा दूंगा
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के पंतनगर निवासी छात्रा प्राची सिंह ने पुलिस को बताया कि वह नकटिया में कमरा लेकर रहती हैं और बरेली के एक निजी विश्वविद्यालय की छात्रा हैं। जितेंद्र ने प्राची सिंह को विदेश भिजवाने के लिए उनके शैक्षिक प्रमाणपत्र ले लिए। होटल मनी के लिए उसने 51 सौ रुपये ठग लिए। छात्रा ने उससे जर्मनी जाने का वीजा दिलाने की बात कही थी। हालांकि जितेंद्र ने उसे लग्जमबर्ग का फर्जी वीजा देकर आठ लाख रुपये मांगे। छात्रा ने जब उससे अपने प्रमाणपत्र मांगे तो उसे भी जेल भिजवाने की धमकी दी।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि फरीदपुर पुलिस ने एक शख्स को पकड़ा है जो खुद को दरोगा बताकर प्रचारित करता था और लोगों को विदेश भेजने का झांसा देता था। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। मामले का जल्दी ही खुलासा किया जाएगा।