ये था ठगी का तरीका
राजेश मेडिकल में फेल हुए अभ्यर्थियों को फर्जी कॉल अप लेटर और रेफरल लेटर दिखाकर विश्वास में लेता था। वह उन्हें बताता था कि उसने कई फेल अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षण में दोबारा पास कराया है। अभ्यर्थियों की जानकारी वह अपने साझेदार गजेंद्र सिंह को व्हाट्सएप से भेजता था। इसके बाद वह उनसे पैसे लेकर अपना हिस्सा रखकर गजेंद्र सिंह के बताए बैंक खाते में भेज देता था।
40 हजार रुपये की वसूली का प्रमाण
राजेश के मोबाइल की जांच में स्पष्ट हुआ कि 21 अगस्त को अंकित सिंह चौहान से 40 हजार रुपये उसने लिए थे। यह राशि यूपीआई आईडी के माध्यम से प्राप्त हुई थी और रजिस्टर में दर्ज थी। उसके मोबाइल में गजेंद्र सिंह के साथ व्हाट्सएप चैट भी मिली, जिसमें रेफरल फॉर्म और रुपये के लेनदेन की बातचीत थी। पुलिस ने राजेश तिवारी को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में गिरफ्तार कर लिया है। कैंट थाना पुलिस उसे दोपहर बाद कोर्ट में पेश करेगी।