बदायूं समेत कई शहरों में संपत्ति, हटाए ग्रुप के बैनर
शेर अली जाफरी और विजय शर्मा ने ठगी से करोड़ों रुपये कमाकर संपत्ति में निवेश किए हैं। सूत्रों के मुताबिक कई शहरों में जाफरी की संपत्तियां हैं। उसकी अधिकतर संपत्ति खुसरो ट्रस्ट के नाम से है। वह अपनी संपत्तियों पर खुसरो नाम लिखकर बोर्ड लगवा देता था। छात्रों से ठगी के मामले में जेल में बंद जाफरी को गैंगस्टर और संपत्ति जब्त होने की आशंका थी, इसलिए कई प्रतिष्ठानों से खुसरो ट्रस्ट के बोर्ड हटवा दिए हैं।
ऐसे हुआ खेल का खुलासा
जाफरी और उसके ग्रुप ने करीब पौने चार सौ छात्र-छात्राओं को डीफार्मा की फर्जी डिग्री देकर उनसे 3.70 करोड़ रुपये की ठगी कर ली थी। सभी फर्जी डिग्री खुसरो अस्पताल के नीचे संचालित केएम क्लासेस कोचिंग सेंटर में बैठकर विजय शर्मा ने बनाई थीं। छात्रों ने जब नौकरी के लिए आवेदन किया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। तब जाफरी ने खुसरो कॉलेज की मेडिकल ब्रांच के प्राचार्य विश्वनाथ शर्मा को आगे कर ठीकरा विजय शर्मा पर फोड़ने की कोशिश की।
सीबीगंज थाना पुलिस से सेटिंग कर खुद को बचा लिया और विजय पर मुकदमा दर्ज कराया। जब छात्रों ने एसएसपी दफ्तर में प्रदर्शन किया तो एसएसपी अनुराग आर्य को खेल का पता लगा और उन्होंने एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि शेर अली जाफरी व उसके साथियों के गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। गिरोह की अवैध रूप से बनाई संपत्तियों की जांच कराई जा रही है। इन संपत्तियों को प्रशासन की मदद से जल्द ही जब्त किया जाएगा।