जच्चा-बच्चा अस्पताल में भर्ती महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इलाके में दहशत
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दो दिन पहले तक यहां धड़ल्ले से होता था लॉकडाउन का उल्लंघन, जमा होती थी भीड़
बरेली। रामपुर गार्डन के एक जच्चा-बच्चा अस्पताल में भर्ती हुई फरीदपुर की महिला निजी लैब में हुए कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट में रविवार को पॉजिटिव पाई गई। इससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। वहीं दो दिन पहले तक जिस रामपुर गार्डन में धड़ल्ले से लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन होता था, वहां आफत सिर पर मंडराती नजर आते ही सन्नाटा पसर गया। मेडिकल हब कहे जाने वाले रामपुर गार्डन में अस्पतालों के बाहर भी सिर्फ दोपहर तक ही हलचल नजर आई। शाम होते ही यहां सन्नाटा पसर गया। क्रिकेट खेलने वाले बच्चे और ना हीं कुत्ता टहलाने वाले लोग ही सड़कों पर दिखाई दिए। कुछ ही दिन पहले अमर उजाला में प्रकाशित हुई खबर के बावजूद पुलिस प्रशासन इलाके से नजरें बचाता रहा था।
फरीदपुर की एक महिला बृहस्पतिवार को रामपुर गार्डन के एक निजी अस्पताल में प्रसव को भर्ती हुई थी। यहां अस्पताल प्रशासन के कहने पर महिला का कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लेकर एक निजी लैब में भेजा गया था। रविवार को आई रिपोर्ट में महिला कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। वहीं इलाके में भी जब यह सूचना पहुंची तो वहां भी दहशत फैल गई। इसके बाद रातों-रात अस्पताल स्टाफ को वहीं क्वारंटीन कर पीड़ित महिला को भोजीपुरा स्थित एक मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया।
वहीं मेडिकल हब कहे जाने वाले रामपुर गार्डन में भी सन्नाटा फैल गया। आसपास के अस्पताल खाली होने लगे। अभी दो दिन पहले तक ही जहां हर गली में चहलपहल होती थी, वह अब सोमवार को सन्नाटा पसरा था। शाम होते ही यहां लोग बिना मास्क लगाए परिवार के लोगों के साथ टहलने निकलते थे। बच्चे क्रिकेट, बैडमिंटन व अन्य गेम खेलते थे। कुछ लोग अपने कुत्ते भी टहलाते थे, लेकिन सोमवार को यह सब बंद था। हालांकि दोपहर को धनवंतरि चौराहा, अग्रसेन पार्क, प्रभा के सामने वाली रोड व अन्य जगहों पर फल-सब्जी के ठेले व चाय की दुकानें लगी नजर आईं, लेकिन शाम होते ही वह भी चले गए। शाम को यहां सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ था।