तालाबाें में हो रहा अवैध खनन ऐसे ही नहीं हो रहा है। इसमें नगर निगम के अधिकारियाें की मिलीभगत है। पत्र कहीं और से मिट्टी खोदने का जारी हो रहा है और खनन किसी और तालाब का हो रहा है। यही नहीं, मिट्टी खोदने की अनुमति भी सरकारी कार्य में प्रयोग के लिए दी गई है, लेकिन खनन में लगे माफियाआें ने मिट्टी कहीं और पहुंचा दी। इस मामले से नगर निगम जानकर अंजान बना हुआ है।
बुधवार को गणेशपुरम कालोनी के पीछे बने तालाब में दो जेसीबी और करीब चार से पांच ट्रैैक्टर ट्रालियां खनन में लगी हुई थीं। काफी मिट्टी की खुदाई के बाद जानकारी यहां के लोगाें को हुई तो उन्होंने तुरंत फोन कर नगर निगम के पूर्व उप सभापति नरेश शर्मा बंटी को दी। नरेश शर्मा ने काम बंद कराया और ठेकेदार का नाम पूछा। पता चला कि गुलाम गौस नाम का ठेकेदार यह काम करवा रहा है। उसे नगर निगम की ओर से यह ठेका दिया गया है। दिन भर में कई बार ट्रैक्टर व ट्रक मिट्टी ले जा चुके थे।
पत्र ही फर्जी है...
जो पत्र खुदाई के लिए अधिशासी अभियंता की ओर से पुलिस अधीक्षक यातायात को भेजा गया है, उसमें फाईक इंक्लेव के तालाब का जिक्र है, जबकि तालाब पवन विहार के गणेश पुरम के पीछे का है। पत्र में पत्रांक संख्या नहीं है। केवल निर्माण विभाग/ 2016- 17 अंकित है। बताया गया है कि खुदाई में प्राप्त मिट्टी का उपयोग अन्य तालाब व पार्कों में होगी, जबकि ट्रैक्टर- ट्राली ले जा रहे मजदूराें ने बताया कि यह मिट्टी पटेलनगर जा रही है। पत्र में जिस ट्रैक्टर ट्राली का नंबर दर्ज है वह भी मौके पर नहीं थी।
- फाईक इंक्लेव में तालाब नहीं है
जिस फाईक इंक्लेव के तालाब की मिट्टी खोदकर अन्य कार्य में लगाने की अनुमति नगर निगम के अधिशासी अभियंता द्वारा दी गई है, वह वहां तालाब है ही नहीं। यहां के पूर्व पार्षद नरेश शर्मा का कहना है कि फाईक इंक्लेव के तालाब को काफी पहले ही पाटा जा चुका है। यह भी चोरी छिपे हुआ था।
वर्जन--
‘नगर निगम के अफसर मिलकर यह काम करवा रहे हैं। पत्र भी फर्जी है। मिट्टी माफियाआें ने अपना जाल फैला रखा है। मिट्टी की कीमत बढ़ती जा रही है, सरकारी सड़क में भी ठेकेदार इसी मिट्टी को लगा रहे हैं।
नरेश शर्मा बंटी, पूर्व सभासद व उप सभापति, नगर निगम
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‘मामला मेरे संज्ञान में है। हरुनगला क्षेत्र से मिट्टी खोदने की अनुमति दी है, लेकिन पत्र में किसी गलती से छप नहीं पाया, यह इतनी बड़ी बात नहीं। मिट्टी खसरा नंबर 15 में डालने को कहा गया है, पटेलनगर मिट्टी जा रही है इसकी जानकारी नहीं है।’
सतीश सिंह, अधिशासी अभियंता, नगर निगम