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Bareilly News: जंक्शन और बस अड्डों पर सुविधाएं नदारद, सुरक्षा भी रामभरोसे

Sat, 17 Oct 2026 11:51 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। जंक्शन के मुख्य द्वार पर लगी लगेज स्कैनर मशीन आठ माह से खराब है। स्वचालित सीढि़यां भी रह-रहकर ठप हो जाती हैं। एक लिफ्ट भी खराब पड़ी है। प्लेटफॉर्म नंबर एक को छोड़ दें तो बाकी पर भीड़ प्रबंधन के इंतजाम नहीं हैं। यह हालात तब हैं, जबकि यह ए श्रेणी के स्टेशनों में शुमार है। रोज सौ से ज्यादा यात्री ट्रेनों और 40-42 हजार मुसाफिरों का आवागमन होता है। दोनों बस अड्डों पर भी यात्री सुविधाओं का बुरा हाल है। ऐसे में त्योहारी सीजन में यात्री परेशान होंगे।
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जंक्शन की बात करें तो त्योहारी सीजन में रेलवे की ओर से 48 विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। दिवाली के आसपास यात्रियों की संख्या 70 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। प्लेटफॉर्म नंबर पांच और छह पर यात्री सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। यहां पानी, शौचालय और यात्रियों के बैठने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
बस अड्डों का हाल में इससे अलग नहीं है। सेटेलाइट और पुराने बस अड्डे पर 15 साल में यात्रियों के बैठने के लिए न तो कोई नई बेंच बनवाई गई है, न ही गर्मियों में राहत के लिए कोई नया पंखा लगवाया गया है। दोनों बस अड्डों पर यात्री भटकते रहते हैं। तमाम दावों के बावजूद बसों के आवागमन के शेड्यूल में भी सुधार नहीं हो रहा है।
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बस अड्डों पर साफ-सफाई की व्यवस्था भी मुकम्मल नहीं है। दोनों बस अड्डों पर सफाई का ठेका एक निजी फर्म के पास है। अधिकारियों की अनदेखी और फर्म की मनमानी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। दोनों बस अड्डों पर त्योहार के सीजन में यात्रियों की संख्या 40 से 45 हजार तक पहुंचने का अनुमान है, लेकिन अब तक सुधार के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। बसों का भी बुरा हाल है।
चार सहायता बूथ, कर्मचारी किसी पर नहीं
पुराने बस अड्डे पर यात्रियों की सहायता के लिए चार बूथ हैं, लेकिन कर्मचारी की तैनाती किसी पर नहीं है। पूछताछ कक्ष भी अक्सर खाली रहता है। शनिवार को भी सभी सहायता बूथ खाली दिखे। कुछ में तो कबाड़ भर दिया गया है। बेहद व्यस्त और भीड़-भाड़ वाले इलाके में स्थित इस बस अड्डे पर रोडवेज की एक अधिकृत कैंटीन तक नहीं है। पानी के बूथों और शौचालयों का भी बुरा हाल है। जन सहयोग से लगाए गए तीन वाटर कूलर खराब पड़े हैं।

बस अड्डों से गायब हो रहे पंखेबस अड्डों पर यात्री सुविधाओं की बेहतरी के लिए 15 साल से कोई नया काम नहीं कराया गया है। पुराने बस अड्डे के यात्री शेड से चार और सेटेलाइट के यात्री शेड से खराब होने पर उतारे गए पांच पंखे भी गायब हो गए। सामान्य दिनों में दोनों बस अड्डों पर रोज उप्र के अलग-अलग डिपो के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ से 500 से ज्यादा बसों से 25-30 हजार यात्रियों का आवागमन होता है।
यात्री बोले- नहीं हुआ कोई सुधार
10-12 साल से बरेली तक आवागमन कर रहा हूं। यात्री सुविधाओं का जो हाल पहले था, अब उससे भी बुरा है। मूलभूत सुविधाओं पर बदइंतजामी हावी है। इससे काफी परेशानी होती है। - मुकेश कुमार
बसों में तो बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल रही है, लेकिन बस अड्डों पर स्थिति खराब है। बसों के आवागमन का समय मालूम नहीं होता। न पानी का इंतजाम है, न बैठने की व्यवस्था। - राम सनेही
वर्जन
यात्री सुविधाओं की बेहतरी के लिए लगातार काम कराए जा रहे हैं। लगेज स्कैनर मशीन की मरम्मत के लिए टेंडर हो गया है। लिफ्ट की भी जल्दी ही मरम्मत करा दी जाएगी। - इमरान, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक, बरेली जंक्शन
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बस अड्डों पर जो भी कमियां हैं, समय रहते उनको दूर कर लिया जाएगा। - मोहम्मद अजीम, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
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