बरेली। लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड भवन में करीब 61.21 लाख रुपये के वेतन एरियर बिलों के भुगतान में खामियां सामने आई हैं। इस मामले में लखनऊ से जांच शुरू कर दी गई है। महालेखाकार कार्यालय प्रयागराज ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। अधीक्षण अभियंता बदायूं-पीलीभीत वृत्त ने संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता से जवाबदेही मांगी है।
विभाग में पहले भी करीब 32 लाख रुपये के भुगतान में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। 25 सितंबर को वरिष्ठ उपमहालेखाकार के पत्र में मार्च 2026 के 11 बिलों में अनियमितताएं बताई गई थीं। अब 11 अन्य वेतन एरियर बिलों के परीक्षण में भी वैसी ही विसंगतियां मिली हैं। लखनऊ से इस मामले की जांच शुरू हो गई है। भुगतान वाले बिलों में एक बिल बेलदार के एमएसीपी एरियर का है। पांच बिलों में एक बेलदार, दो चपरासी, एक क्लीनर और एक इलेक्ट्रिशियन के हैं। पांच बिल सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता के वेतन विनियमितीकरण एरियर के हैं। अधीक्षण अभियंता केके सिंह ने बताया कि महालेखाकार कार्यालय से पत्र मिलने के बाद मामले की जांच लखनऊ से शुरू की गई है। विभागीय स्तर पर भी संबंधित अधिकारी को पत्र लिखकर मामले में जवाबदेही मांगी गई है।