बरेली। बरेली कॉलेज की विज्ञान प्रयोगशालाएं गंभीर रूप से अनफिट पाई गई हैं। इनमें अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और बुनियादी ढांचा भी बेहद लचर है। सबसे खराब हालत रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला की है, जहां वर्ष 2021 से समय सीमा समाप्त हो चुके सिलिंडर उपयोग में हैं।
बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने रसायन विभाग की स्नातक प्रयोगशाला को देखा। वहां कर्मचारियों को धूम्रपान करते देखा गया, जिससे तेज दुर्गंध आ रही थी। कर्मचारियों ने गैस आपूर्ति बंद होने का हवाला देकर प्रयोगशाला में नुकसान की बात को नकारा। स्नातक की बड़ी प्रयोगशाला में रसायन और अन्य उपकरण धूल फांकते नजर आए। गैस की आपूर्ति होने के बावजूद अग्निशमन के इंतजाम नहीं हैं। स्नातक और परास्नातक दोनों प्रयोगशालाओं में लगे सिलिंडर 2021 में ही समय सीमा समाप्त हो चुके हैं। कई रसायनों और लवणों पर समय सीमा की तारीख भी मिट चुकी है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष एमबी कलहंस ने इस गंभीर स्थिति पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह एक सप्ताह की छुट्टी पर हैं और किसी भी चीज पर कुछ नहीं बोल सकते।
प्रयोगशाला में भी सीलन की समस्या
बॉटनी विभाग की प्रयोगशाला में भी सीलन की समस्या है। बॉटनी प्रयोगशालाओं के नवीनीकरण के लिए लिखित में अनुरोध किया जा चुका है। इसके लिए निविदा भी जारी हो चुकी है, लेकिन अभी तक काम धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। विभागाध्यक्ष आलोक खरे ने बताया कि निविदा हो चुकी है और कार्य आदेश मिलने के बाद ही प्रयोगशाला तथा बॉटनी का संग्रहालय तैयार होगा। भौतिकी की प्रयोगशाला की दीवारें भी मरम्मत मांग रही हैं। यहां पुरानी तारबंदी से उपकरणों के खराब होने का डर बना रहता है। पूर्व विभागाध्यक्ष वीपी सिंह ने बताया कि इस संबंध में कई बार लिखकर दिया जा चुका है। फिलहाल छत की मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन उपकरण समय-समय पर नए आते रहते हैं।