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कमिश्नर के तबादले से जागीं व्यापारियों की उम्मीदें, ढोल बजाकर बांटी मिठाई

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कमिश्नर का तबादला होने पर जश्न मनाते कुतुबखाना क्षेत्र के व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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कहा- फ्लाईओवर बनवाकर व्यापारियों को बर्बाद करना चाहते थे कमिश्नर, तबादला करने का शासन का निर्णय शहर के लिए शुभ संकेत

बरेली। कुतुबखाना में फ्लाईओवर बनाने का विरोध कर रहे व्यापारियों की उम्मीदें कमिश्नर रणवीर प्रसाद के तबादले ने एक बार फिर बढ़ा दी हैं। बुधवार को व्यापारियों ने जिला अस्पताल रोड पर कमिश्नर के तबादले का ढोल-नगाड़े के साथ जश्न मनाया। व्यापारियों ने कहा कि कुतुबखाना में फ्लाईओवर बनवाकर कमिश्नर व्यापारियों को बर्बाद करना चाहते थे। उनका तबादला व्यापारियों के लिए किसी शुभ संकेत से कम नहीं है।
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बेइंतिहा अतिक्रमण और ट्रैफिक की वजह से कुतुबखाना सालों से जाम से जूझ रहा है। कोतवाली से लेकर कोहाड़ापीर तक किस कदर अतिक्रमण है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिन सड़कों पर कभी सिटी बसें दौड़ा करती थीं, उन पर अब बाइक पर निकलना तक मुश्किल है। बतौर अध्यक्ष कमिश्नर रणवीर प्रसाद की अगुवाई में करीब दो महीने पहले कुतुबखाना में जाम की समस्या हल करने के लिए फ्लाईओवर बनवाने का प्रस्ताव स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में पारित किया गया था। सर्वे के बाद कोतवाली से कोहाड़ापीर तक 1577 मीटर लंबे फ्लाईओवर के लिए 136 करोड़ का बजट पारित कर दिया गया था। इसके बाद कुतुबखाना के व्यापारी फ्लाईओवर के विरोध में उतर आए थे।
व्यापारियों का कहना है कि कुतुबखाना में फ्लाईओवर बनने से उनका कारोबार तबाह हो जाएगा। व्यापारियों ने जाम की समस्या के निदान के लिए पहले खुद अपना अतिक्रमण हटाने की पेशकश की लेकिन जब यह मुमकिन नहीं हो पाया तो इस मुद्दे पर कदम वापस खींचकर कुतुबखाना में अंडरपास बनवाने या फिर वाहनों का प्रवेश बंद कराने की मांग शुरू कर दी। व्यापारियों का यह भी आरोप था कि कमिश्नर रणवीर प्रसाद उनके हित को नजरंदाज कर फ्लाईओवर बनवाने की जिद पर अड़े हुए हैं। व्यापारियों ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर कमिश्नर को यहां से हटाने की भी मांग की थी।
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बुधवार को व्यापारियों ने जिला अस्पताल रोड पर ढोल-नगाड़े बजाकर कमिश्नर के तबादले का जश्न मनाया। व्यापारियों ने बाजार में मिठाई भी बांटी। व्यापारी नेता नदीम शम्सी ने कहा कि कमिश्नर कुतुबखाना फ्लाईओवर के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की बात मानकर उनका ट्रांसफर किया है। राहुल ठाकुर ने कहा फ र्जी कंपनियों से अंडरपास का सर्वे न कराया जाए। सर्वे के लिए ऐसे अनुभवी और ईमानदार विशेषज्ञों को बुलाया जाए जिन्होंने अंडरपास या मेट्रो रेल का ट्रैक बनाया है। व्यापारियों ने कहा कि कुतुबखाना की ट्रैफि क व्यवस्था में भी सुधार होना चाहिए। कुतुबखाना पर फ्लाईओवर बनवाने की बात करने वाला चाहे अधिकारी हो या जनप्रतिनिधि, वह व्यापारियों और शहर का हितैषी नहीं हो सकता। फ्लाईओवर की मांग करने वाले लोग व्यापारियों की रोजी रोटी छीनना चाहते हैं। इस मौके पर प्रमुख रूप से संजय आनंद, लोकेश कालरा, दीपक अग्रवाल, भूपेंद्र सिंह, गुरचरण सिंह, प्रिंस सोढ़ी, अमरजीत सिंह, राकेश कुमार, अनिल कुमार, सर्वेश गिन्नी आदि मौजूद रहे।

नए चेयरमैन के सामने स्मार्ट सिटी की छवि सुधारने की चुनौती

बरेली। बतौर चेयरमैन कमिश्नर रणवीर प्रसाद के कार्यकाल में स्मार्ट सिटी कंपनी शुरू से आखिर तक घोटालों के आरोपों से घिरी रही। स्मार्ट सिटी की परियोजनाएं एक तरफ शहरवासियों के लिए मुसीबत साबित होती रहीं तो दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि लगातार स्मार्ट सिटी के टेंडरों में गड़बड़ी के आरोप लगाते रहे हैं। नए कमिश्नर आर रमेश स्मार्ट सिटी कंपनी के भी नए चेयरमैन होंगे। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती स्मार्ट सिटी कंपनी की छवि सुधारने की होगी।
स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से पहला बड़ा प्रोजेक्ट आई ट्रिपल सी का शुरू किया था जिसकी डीपीआर में गड़बड़ी करने के आरोप अधिकारियों पर लगे थे। डीपीआर में फेरबदल पर उसे बनानी वाली अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों की टीम ने भी आपत्ति की थी और उसकी जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक प्राधिकरण में सवा सौ करोड़ के घोटाले के आरोपी पीसीएस अफसर सतीश कुमार को स्मार्ट सिटी में मिशन मैनेजर बनाने पर भी सवाल उठे। सतीश कुमार की गिरफ्तारी के साथ यह मुद्दा खुद ब खुद खत्म हो गया लेकिन फिर वर्टिकल गार्डन और हाईमास्ट लाइटों जैसी और भी कई परियोजनाओं के टेंडरों में घोटाले के आरोप लगातार लगते रहे। मेयर उमेश गौतम ने बरेली आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों पर घोटालों के आरोप लगाए थे।
दूसरी ओर शासन की रैकिंग में संतोषजनक स्थिति बनाए रखने के लिए अफसरों को जोड़तोड़ करनी पड़ रही थी। इस सबकी वजह से स्मार्ट सिटी कंपनी की छवि लगातार खराब हो रही थी। पिछले दिनों बरेली दौरे पर आए प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के सामने भी स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं में गड़बड़ियों का मामला उठाया गया। शहर में बनाए गए ओपन जिम में घटिया मशीनें लगवाने पर भी सवाल उठा। अब नए कमिश्नर आर रमेश के लिए यह बड़ी जिम्मेदारी होगी कि स्मार्ट सिटी की छवि को सुधारा जाए।
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