एडीएम प्रशासन के निर्देश पर हुआ सर्वे, एक करोड़ का राजस्व बढ़ने की उम्मीद
बरेली। कोरोना के दौर में राजस्व बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने शत्रु संपत्तियों का सत्यापन कराया है ताकि उनका किराया अर्जित किया जा सके। सदर तहसील में 70 स्थानों पर शत्रु संपत्ति की श्रेणी में मकान, दुकानें और खाली प्लॉट पाए गए हैं। एडीएम प्रशासन के निर्देश पर सर्वे करके तहसीलदार ने रिपोर्ट सौंप दी है।
सदर तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने बताया कि शत्रु संपत्तियों और उनके संभावित किराए की सूची एडीएम प्रशासन को भेज दी गई है। इसमें प्रति गज के हिसाब से किराया तय किया गया है। मकान, दुकानें और खाली भूमि का संभावित वार्षिक किराया भी दर्शाया गया है। शत्रु संपत्तियों पर कौन, कितने समय से काबिज है, इसका भी जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार किराया तय होने पर एक करोड़ से ज्यादा का राजस्व मिलेगा। प्रशासन शत्रु संपत्ति पर काबिज लोगों के साथ जल्द बैठक कर किराया बढ़ाने पर चर्चा कर सकता है। हालांकि सूची के अनुसार कई शत्रु संपत्तियों पर काबिज लोगों का पता नहीं चल सका है। उन्हें खोजा जा रहा है।
बिहारीपुर में सर्वाधिक शत्रु संपत्तियां
तहसीलदार आशुतोष गुप्ता की रिपोर्ट के मुताबिक सर्वाधिक शत्रु संपत्ति बिहारीपुर में हैं। इसमें 11 जगहों पर मकान, दुकान, लाइब्रेरी, कोठी और खाली प्लॉट हैं जिनके 32 से तीन सौ वर्ग गज तक क्षेत्रफल का 15 सौ से 25 हजार रुपये तक मासिक किराया तय किया गया है। सैदपुर लशकरीगंज में छह जगहों पर शत्रु संपत्तियां दर्ज हैं।
यहां भी संपत्तियों से होगी वसूली
कोहाड़ापीर में दो, रोहलीटोला, कटरा चांद खां और सूफीटोला में तीन-तीन, रबड़ी टोला, साहूकारा और मिलक इमामगंज में दो-दो के अलावा ब्रह्मपुरा, बेनीपुर चौधरी, महेशपुर अटरिया, परसाखेड़ा, मनुपुरिया दलेल, परतासपुर, मेमोर, बांसमंडी, सैलानी, घेर जाफर खां, शाहदाना रोड, फर्रासी टोला, नरकुलागंज, बाग अहमद अली का तालाब, जगतपुर, ठिरिया निजावत खां, अब्दुल्लापुर माफी, मोहल्ला सराय खाम, पंजाबपुरा में भी शत्रु संपत्तियां दर्ज हैं।
इन संपत्तियाें की जांच नहीं हुई पूरी
जांच रिपोर्ट में मनुपुरिया दलेल, ठिरिया निजावत खां में एक कृषि भूमि, मोहल्ला सराय खाम कुतुबखाना, साहूकारा, पंजाबपुरा, मिलक इमामगंज और ब्रह्मपुरा में दर्ज शत्रु संपत्तियों के स्थल पर कब्जा की स्थिति की तस्दीक नहीं हो सकी है। तहसीलदार ने सर्वे रिपोर्ट में इन संपत्तियों की जांच न हो पाने की बात कही है। हालांकि, संपत्तियां दर्ज हैं और उनकी किराया दर भी निर्धारित की गई है। रिपोर्ट अब डीएम के पास भेजी गई है।
डीएम के निर्देश पर शत्रु संपत्तियों के प्रबंधन और सूचनाओं के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। इसके बाद स्थलीय सत्यापन कराकर कब्जेदारों के कब्जे के विवरण सहित संपत्ति के किराये की अनुमानित दर की रिपोर्ट सौंप दी है। - आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार सदर