इस साल भी कोरोना महामारी से उपजे संकट को देखते हुए आसार कम
बरेली। एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू कराने के लिए रजिस्ट्री ऑफिस और प्रशासन के अफसरों ने कवायद तेज कर दी है। एडीएम (वित्त) मनोज पांडेय ने नए सर्किल रेट की प्रस्तावित सूची तैयार करने के लिए सभी एसडीएम और तहसीलदारों के साथ एआईजी स्टांप और सब रजिस्टारों की 10 जुलाई को बैठक बुलाई है। इन सभी से अपने एरिया के सर्किल और बाजार रेट की रिपोर्ट देने को कहा गया है। हालांकि पिछले साल प्रशासन ने क्रेडाई सहित कई यूनियन की आपित्तयों के बाद सर्किल रेट में इजाफा नहीं किया था। इस बार भी कोरोना महामारी के चलते आर्थिक संकट को देखते हुए सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी की उम्मीद कम ही है।
पिछले साल रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों ने 22 जुलाई को अलग-अलग एरिया की जमीन के सर्किल रेट में पांच से 15 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की प्रस्तावित लिस्ट जारी की थी। इसमें सिविल लाइंस सहित पॉश इलाकों में पांच से आठ हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से रेट बढ़ाने की बात कही गई थी। हालांकि सर्किल रेट की बढ़ोत्तरी के विरोध में क्रेडाई, व्यापार संगठन, दस्तावेज लेखक संघ के अलावा पब्लिक की तरफ से आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। इसके बाद प्रशासन ने नोटबंदी के बाद रियल स्टेट में मंदी और जमीनों की खरीद-फरोख्त में आई कमी को देखते हुए पिछले साल सर्किल रेट में कोई इजाफा नहीं किया था। अब वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू होने हैं। महानिरीक्षक निबंधन एवं आयुक्त स्टांप मिनिस्ती एस. के निर्देश के बाद प्रशासन और रजिस्ट्री विभाग ने नए सिरे से सर्किल रेट तय करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 10 जुलाई को कलक्ट्रेट मेें होने वाली बैठक में संबंधित अधिकारियों को बुलाया गया है।
नए सर्किल रेट की रूपरेखा तय करने के लिए 10 जुलाई को बैठक बुलाई गई है। इसमें नए सर्किल रेट और मौजूदा बाजार रेट के बारे में रिपोर्ट देनी है। - बृजेश कुमार, सब रजिस्टार।