बिजली विभाग के एक्सईएन को धमकी दिए जाने के मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है। एक्सईएन के पत्र लिखने की बात जानकारी में आने पर प्रबंध निदेशक ने मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है। एमडी तक मामला पहुंचने के बाद जोनल चीफ इंजीनियर ने भी पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। इस प्रकरण से जुड़े एक क्लर्क की गतिविधियाें की जांच के लिए अधिकारी को भी नामित कर दिया गया है।
कुछ विभागीय कर्मियों और निजी फर्म के ठेकेदारों ने मनमर्जी के काम नहीं होने पर अधिशासी अभियंता संदीप सक्सेना को पिछले दिनों धमकाया था। इससे क्षुब्ध होकर सक्सेना ने एक पत्र लिखकर अपनी जान को खतरा बताते हुए कार्रवाई पर जोर दिया था। यह पत्र सार्वजनिक होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। गुरुवार देर शाम तक विभाग में इस पर मशक्कत होती रही कि जांच किस स्तर पर होनी चाहिए। चीफ इंजीनियर अंशुल अग्रवाल ने एक्सईएन संदीप सक्सेना को अपने कार्यालय में बुलाकर पूरी बात सुनी। चीफ ने भ्रष्टाचार में शामिल स्टाफ लोगों के नाम मांगे। चीफ ने आश्वासन दिया कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे और विभाग में किसी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं होगी। उधर, अधीक्षण अभियंता शहर एनके मिश्रा ने एक्सईएन को एक पत्र जारी कर बिंदुबार जवाब मांगा है।
क्लर्क के खिलाफ जांच होगी
एसई शहर ने शहरी विद्युत वितरण खंड चतुर्थ में तैनात राजीव नरायन तिवारी की गतिविधियों की जांच के लिए अधिशासी अभियंता पीए माेंगा को जांच अधिकारी नामित किया है। इस क्लर्क पर काम नहीं करने और अराजकता फैलाने आदि के आरोप हैं। इस पर एक्सईएन सक्सेना ने मनमानी पर अंकुश लगानेे का प्रयास किया तो क्लर्क ने भी एक पत्र लिखकर उन पर तमाम आरोप जड़ दिए हैं। इसके अलावा अन्य स्टाफ की जांच भी शुरू हो गई है। इसके लिए एक समिति भी गठित होगी।
एमडी बोले- सख्त कार्रवाई होगी
नवागत प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम संजय गोयल ने वितरण चतुर्थ खंड में फैली अराजकता और एक्सईएन संजीव सक्सेना के पत्र को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पूरे प्रकरण पर रिपोर्ट तलब कर ली है, उनका कहना है कि इससे विभाग की छवि धूमिल होती है, रिपोर्ट मिलने के बाद सख्त कार्रवाई होगी।