नगर निगम कार्यकारिणी में दो मामले को लेकर सदस्याें का गुस्सा नगर आयुक्त पर उतरा। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना को 30 मार्च तक बंद करने का फै सला पलटने और दुकान की सील खोलने के मामले पर पार्षद सदस्याें ने नगर आयुक्त को घेर लिया। सदस्याें का कहना था कि आयुक्त ने किस अधिकार से यह निर्णय कर लिया, जबकि इसे पहले कार्यकारिणी को बताना चाहिए था। काफी बहस के बाद मेयर ने मामला शांत कराया। हालांकि बाद में पार्षद भी शांत हो गए। पूरी कार्यकारिणी में एक भी मुद्दा विकास से संबंधित नहीं था।
पार्षद विपुल लाला ने कहा कि डोर टू डोर तीन माह के लिए बढ़ा दिया गया है जबकि यह लगातार राजस्व को नुकसान पहुंचा रही है। ऐसा तब किया गया है जब इसे 30 मार्च को कार्यकारिणी द्वारा बंद करने के लिए कह दिया गया था। पार्षद कपिल कांत और अनुपम चमन ने कहा कि आखिर नगर आयुक्त ने किसकी अनुमति से तीन माह के लिए डोर टू डोर कार्य को बढ़ाया है। काफी बहस के बाद नगर आयुक्त ने बताया कि एमएसडब्ल्यू नियम के मुताबिक डोर टू डोर अनिवार्य है इसे बंद नहीं कर सकते हैं। इस पर पार्षदों ने कहा कि यह नियम कानून कार्यकारिणी को क्यों नहीं बताया जब वह इसे बंद करने के लिए कह रहे थे। इसका कोई जवाब अधिकारी नहीं दे पाए। हालांकि नगर आयुक्त बाद में बोले कि बंद नहीं करना था इसलिए नहीं किया गया, लेकिन कार्यकारिणी चाहती है तो इसे बंद कर देंगे, लेकिन इसे एकदम से बंद करना भी ठीक नहीं। पार्षदों ने तय किया कि तीन माह के लिए जो त्रुटियां हैं उसे सुधार कर चलाएं। इसे नगर आयुक्त ने ओके किया। बैठक में मेयर डॉ. आईएस तोमर, उप सभापति ऊषा अरोड़ा, नगर आयुक्त शीलधर यादव, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह, पार्षद रेहान अली, आरिफ कुरैशी, महेंद्र कनौजिया, अब्दुल कय्यूम मुन्ना, कपिल कांत, गौरव सक्सेना, विपुल लाला, रीना गुप्ता, रूबी सलीम, रचना मेहरोत्रा, अनुपम चमन मौजूद रहे।
सील दुकान को भी खोल दिया, बिना पत्रांक का पत्र जारी
कुतुबखाना में महावीर सरन की दुकान में बिना नगर निगम अनुमति के पांच फिट उठाकर लिंटर डाल दिया गया है। इस पर पार्षद सदस्य आरिफ कुरैशी और विपुल लाला ने आपत्ति दर्ज कराई। निगम की ओर से इस पर सील लगा दी गई। तीन माह दुकान बंद होने के बाद कुछ दिन पहले सील हटा दी गई। इस पर पार्षदाें ने नगर आयुक्त से सवाल किया कि उन्होंने सील किस अधिकार से हटाई, जबकि यह मामला कार्यकारिणी के अधीन था। पार्षद कपिल कांत ने कहा कि इसके अतिरिक्त अरोरा की दुकान का भी स्वरूप बदला गया है। जबकि यह दोनों मामले नगर निकाय अधिनियम 129 (3) के तहत बोर्ड में लाने चाहिए इनका कार्यकारिणी से कोई मतलब नहीं है। क पिल कांत ने कहा कि अजीत साहनी और श्याम अरोरा को जारी किए गए पत्र में पत्रांक नंबर भी नहीं है। मेयर ने दोनों दुकानों की कंपाउंडिंग देखकर प्रस्ताव दोबारा लाने को कहा है।
ये प्रस्ताव भी रखे गए
मोती पार्क का पार्किंग ठेका रोहित सैनी को 17 लाख 32 हजार रुपए बोली लगाने के लिए दिया गया। यह पैसा रोहित दो बार में जमा करेंगे
हड्डी मुर्दा पशु जानवर के लिए उच्चतम बोली शफीक ने लगाई 85 हजार लगाई जो पिछले साल की तुलना में कम है, लेकिन इसे ठेका दिया गया
इसी संबंध में दूसरी बोली इकरार को 70 हजार रुपए की बोली लगाने के लिए ठेका दिया गया
ठेका फसल बहार गांधी उद्यान का प्रस्ताव कम बोली आने के चलते निरस्त किया गया
राष्ट्रगीत का प्रस्ताव रखा
विपुल लाला ने मेयर से पूछा कि क्या नगर निगम बैठक में राष्ट्रगीत या राष्ट्रगान का कोई आदेश है। मेयर ने बताया कि ऐसा कोई आदेश नहीं है, लेकिन उनसे पहले वंदेमातरम बोर्ड बैठक में होता था इस बार यह नहीं हुआ। इसलिए नहीं होता है। विपुल लाला ने बात आगे नहीं बढ़ाई।
पार्षद हो विधायक नहीं
पार्षद रीना गुप्ता ने शिकायत की कि संजीव कुमार सफाई नायक ने उनके साथ खराब बर्ताव किया है। शराब भट्टी के पास नाले की समस्या पर जब संजीव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आप कौन हो विधायक तो हो नहीं, एक नामित पार्षद हो इसलिए ठीक से रहें। इस पर पार्षदों ने आपत्ति जताई। कहा कि संजीव के खिलाफ कार्रवाई हो। पार्षद से ऐसा बर्ताव नहीं चलेगा।
पानी पर एक्सईएन से भिड़ गए पार्षद
गर्मी आ गई है पानी की समस्या को लेकर पार्षद परेशान हैं। कार्यकारिणी बैठक शुरू होने से पहले गुलाबनगर के पार्षद विपुल लाला अपने साथ दो बोतल में पानी भरकर लाए थे। ये पानी गंदा था और इसमें दुर्गंध भी आ रही थी। पार्षद ने कहा कि कुछ इस तरह का पानी उनके वार्ड में आ रहा है लोग परेशान हैं। एक्सईएन आरबी राजपूत बोले कि लीकेज की मरम्मत के लिए टेंडर निकाला गया है। बाद में वे बोले कि पानी गुलाबनगर का नहीं कहीं और का है। इस पर पार्षद नाराज हो गए और खूब बहस हुई। मेयर डॉ. आईएस तोमर ने कहा कि पानी अगर गंदा आ रहा है तो उसकी शिकायत करें टेस्टिंग होगी। विपुल लाला बोले कि गुलाब बाड़ी में कोई निरीक्षण नहीं किया गया, जबकि गंदा पानी आ रहा है। गौरव सक्सेना ने कहा कि जल कल का एक अलग से नंबर जारी किया जाए ताकि लोग सीधे शिकायत बताएं। मेयर ने इस पर सहमति दी। विपुल लाला से भी पानी जांच के लिए लिया गया।