सिरौली/गुलड़िया। सिरौली थाना क्षेत्र के गांव शिवपुरी में रविवार को विवादित भूखंड पर ग्राम प्रधान की ओर से जेसीबी से खोदाई कराए जाने का दूसरे पक्ष ने विरोध किया। मामला करोड़ों रुपये की कीमत वाली जमीन से जुड़ा है, जिसपर एक पक्ष ने अदालत के आदेश का दावा किया है। सूचना पर पहुंचे पुलिस बल और राजस्व टीम ने निर्माण रुकवाकर जांच शुरू की है।
गांव शिवपुरी निवासी श्याम सुंदर शर्मा ने उनकी पुश्तैनी जमीन पर जेसीबी से नींव खोदने के आरोप में ग्राम प्रधान समेत कई लोगों के खिलाफ एसडीएम आंवला से शनिवार को शिकायत की थी। एसडीएम ने राजस्व टीम को जांच का आदेश दिया था। श्याम सुंदर शर्मा ने आरोप लगाया कि आरोपी रविवार को जेसीबी लेकर फिर जमीन पर पहुंच गए। वहां नींव खोदवाने लगे।
इसपर श्याम सुंदर ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने पुलिस को अदालत और दानपत्र के कागजात दिखाते हुए बताया कि 1965 में उनको यह भूमि दान में मिली थी। इस जमीन के संबंध में अदालत में 2015 से 2022 तक मुकदमा चला। श्याम सुंदर के पक्ष में फैसला सुनाया गया। इसके बावजूद ग्राम प्रधान समेत अन्य आरोपी जबरन कब्जा कर रहे हैं। पुलिस बल के पहुंचने के बाद अधिकारियों ने जेसीबी से कराया जा रहा काम रुकवा दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों को सुनकर अदालत से मामला सुलझाने को कहा है।
सिरौली थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि शिवपुरी में एक जमीन पर ग्राम प्रधान की ओर से बाउंड्री कराने के इरादे से जेसीबी से नींव खोदवाई जा रही थी। दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों से जमीन के कागजात मांगे गए हैं। उसके आधार पर जांच की जा रही है। फिलहाल काम रुकवा दिया गया है। गांव में स्थिति सामान्य है।
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बरातघर की चहारदीवारी बनवाने को कराई खोदाई
शिवपुरी में बारात घर के बराबर में जमीन पर चहारदीवारी बनवाने के लिए खोदवाई कराई जा रही थी। गांव के कुछ लोगों ने उस जमीन को अपनी बताते हुए विरोध किया है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर आई थी। जो भी आदेश आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। आनंद मौर्य, ग्राम प्रधान
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करोड़ों रुपये की है जमीन की कीमत
गांव शिवपुरी में राजा के हरि सिंह की सैकड़ों एकड़ जमीन थी। इस जमीन पर आधे से ज्यादा गांव बसा हुआ है। काफी जमीन ग्राम समाज की भूमि घोषित हो गई। श्याम सुंदर शर्मा के पिता गंगाराम शर्मा उसी जमीन पर चक्की और आरा मशीन चलाते थे। उनके निधन के श्याम सुंदर शर्मा ने वर्षों तक चक्की चलाई। इसके बाद वह दूसरी जगह स्थित मकान में रहने लगे, तब से जमीन खंडहर जैसी पड़ी है। उस समय तो जमीन की कीमत नहीं थी लेकिन अब यह जमीन शिवपुरी के मुख्य बाजार में आ गई है। अब इसकी कीमत करोड़ों रुपये की हो गई है। कुछ ग्रामीणों के मुताबिक, लोग इस भूमि पर मार्केट बनाकर मुनाफा करना चाहते हैं। इस जमीन के पास ग्राम समाज की भी भूमि है। वहां विधायक निधि से बरातघर बनवाया गया है। बताया गया कि यह सारी जमीन राजा केहरी सिंह की थी। अब वहां कब्जा करके मकान बनवा लिए गए हैं। अदालत के फैसले के बाद से विवाद बना हुआ है।
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