सपा के मेयर प्रत्याशी डॉ. आईएस तोमर ने प्रशासन पर नगर निगम चुनाव में 24 ईवीएम बदलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईवीएम बदलवाने में बारादरी पुलिस शामिल थी। हालांकि पुलिस कभी यह बात नहीं बताएगी लेकिन हमारे पास ईवीएम बदलवाने की गोपनीय रिपोर्ट है। पूर्व मेयर ने ईवीएम में चेसिस नंबर न होने और 24 ईवीएम बदलने की शिकायत चुनाव आयोग को भेजी है।
डॉ. तोमर ने कहा कि किसी भी ईवीएम पर चेसिस नंबर नहीं पड़ा था। कर्मचारी ईवीएम पर हाथ से नंबर लिखकर ला रहे थे। उसमें क्या पता चलता कि ईवीएम वही है या बदली हुई। मुस्लिम एरिया के बूथों में उनके 400 वोट निकल रहे थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी के 600। यह किसी हाल में संभव नहीं है। जिस कमरे में ईवीएम सील की गईं, उसकी सील खोलते समय किसी के भी हस्ताक्षर नहीं कराए गए। भाजपा प्रत्याशी की इस जीत को न शहर की जनता हजम कर पा रही है, न ही खुद भाजपा के लोग। प्रशासन ने सिर्फ मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन किया है। चुनाव से लेकर मतगणना से पहले तक जनता कह रही थी कि चुनाव सपा जीत रही है लेकिन सीएम योगी ने बरेली में 19 घंटे रुककर प्रशासन के साथ गोपनीय मीटिंग की तो अफसर खुद को साबित करने में लग गए। डॉ. तोमर ने कहा कि ईवीएम ने उन्हें नहीं, बरेली की जनता को हराया है। कोई सीएम 28 साल बाद बरेली में रुका था। इससे पहले मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी रात में रुके थे, लेकिन उनका मकसद चुनाव से जुड़ा नहीं था। यह सरासर बेईमानी है, इसकी शिकायत चुनाव आयोग को भेजी गई है। वह इसके खिलाफ हाईकोर्ट भी जाएंगे।
ईवीएम से हमारे वोट गायब हुए: नवनीत
बरेली। आम आदमी पार्टी से मेयर पद के प्रत्याशी इंजीनियर नवनीत अग्रवाल को उम्मीद से काफी कम वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में हमने केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, मगर उनके वोट पड़ने के बावजूद गायब हो गए। इंजीनियर अग्रवाल के अनुसार उनका अनुमान 20 हजार वोट मिलने का था लेकिन मतगणना में उनके वोट गायब निकले। उन्होंने ईवीएम साफ्टवेयर में हैकिंग करते हुए प्री प्रोग्राम लोड करने का आरोप लगाया। निर्दलीय प्रत्याशी से कम वोट मिलने के सवाल पर कहा कि पूरी मेहनत से चुनाव लड़ा, फिर भी इतने कम वोट मिलना हैरत की बात है। ईवीएम की विश्वसनीयता पर चुनाव आयोग में शिकायत करेंगे। जरूरी हुआ तो कोर्ट भी जाएंगे।