बरेली। फरीदपुर के परा मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में शनिवार को परोसे गए मिड-डे मील में कीड़े (सूड़ियां) निकले थे। इसमें साक्ष्य सामने आने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने बीएसए को रिपोर्ट सौंप दी थी। मामले से संबंधित वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद भी जिम्मेदार कार्रवाई के बजाय विस्तृत जांच के नाम पर लीपापोती में जुटे हुए है।
स्वयंसेवी संगठन अशर्फी ग्रामोद्योग की ओर से फरीदपुर नगर क्षेत्र के सात परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की जाती है। संस्था ने ही स्कूल में सब्जी और चावल भेजे थे। खाना खाने के दौरान बच्चों ने उसमें सूड़ियां देखीं। अभिभावकों ने विद्यालय स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया था। खंड शिक्षा अधिकारी तौसीफ अहमद ने मौके पर पहुंचकर प्रकरण की जांच की थी, जिसमें लापरवाही उजागर हुई थी। इसकी रिपोर्ट बीएसए को सौंपी जा चुकी है।
अब विस्तृत जांच का सहारा लेकर जिम्मेदार दोषियों को बचा रहे हैं। वायरल वीडियो में प्रधानाध्यापक सुनील मोहन जौहरी ने भी खाने में कीड़े होने की बात कही थी। उसके बाद भी विभागीय अधिकारी आरोपियों तक नहीं पहुंच सके हैं। माना जा रहा है कि प्रधानाध्यापक की व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला वीडियो सामने आने के बाद से कार्रवाई धीमी कर दी गई है। इसलिए बीईओ की रिपोर्ट के बाद भी विस्तृत जांच की बात कही जा रही है।
शिक्षक की कार्यशैली पर भी उठ रहे सवाल
खाने में कीड़े निकलने के बाद अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि विद्यालय स्टाफ ने जांच किए बिना ही भोजन बच्चों को परोस दिया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार स्कूल में भोजन प्राप्त होने के बाद शिक्षक उसकी गुणवत्ता जांचते हैं। उसकी जानकारी रजिस्टर में अंकित करते हैं। इसके बाद भी इस तरह की लापरवाही सामने आना शिक्षक की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
प्रकरण सामने आने के बाद बीईओ ने निरीक्षण किया था। वहां से रिपोर्ट भेजी गई थी। विस्तृत जांच में अन्य तथ्य भी सामने आ जाएंगे। इसमें अभिभावक, शिक्षक व अन्य के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। - संजय सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी