- नगर निगम की कार्यकारिणी व बोर्ड की बैठक में कई बार उठ चुका है मुद्दा, नहीं होती कार्रवाई
बरेली। मालियों की पुलिया से ईसाइयों की पुलिया तक हर रविवार सड़क पर अतिक्रमण का बाजार सजता है। बृहस्पतिवार को कुतुबखाना में भी साप्ताहिक बाजार लगता है। इससे नगर निगम का कोई लेना-देना नहीं। दोनों साप्ताहिक बाजारों को लेकर पार्षद कई बार नगर निगम की कार्यकारिणी व बोर्ड की बैठक में सवाल उठा चुके हैं। इसके बाद भी इस पर नकेल नहीं कसी जा रही है।
ये बाजार निजी जमीन पर लगते हैं और फैलकर सड़क तक आ जाता है। वहीं, भूमि स्वामी दुकानदारों से वसूली भी करते हैं। महापौर ने इसे सीधे तौर पर अतिक्रमण करार देते हुए कहा कि इसको हटवाना हमारी प्राथमिकता है। बाजार किसी की निजी जमीन पर लग रहा है तो इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर वह सड़क पर लग रहा है तो अतिक्रमण की श्रेणी में आएगा।
रविवार को साप्ताहिक बाजार लगने की वजह से श्यामगंज से सेटेलाइट रोड पर जाम लगा रहा। सेटेलाइट तिराहे से मालियों की पुलिया तक वाहनों की लंबी कतार लगी रहीं। इस दौरान पुलिस भी तैनात रही, लेकिन सड़क पर लगी दुकानों को हटवाने और जाम खुलवाने की जहमत नहीं उठाई।
बृहस्पतिवार बाजार में पार्षद करते हैं वसूली
कुतुबखाना पर बृहस्पतिवार को सड़क पर ही बाजार लगता है। निगम की ओर से इसके लिए भी कोई अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद पुलिस और निगम कोई कार्रवाई नहीं करते। पार्षद इस बाजार में वसूली करते हैं। कार्यकारिणी की बैठक में भी इसके खिलाफ कई बार आवाज उठ चुकी है, लेकिन इन बैठकों के फैसले भी फाइलों में दफन हो जाते हैं।
निजी संपत्ति पर कोई भी बाजार लगवा सकता है। अगर सड़क पर दुकानें आईं तो वह अतिक्रमण की श्रेणी में आएगा। साप्ताहिक बाजारों से निगम का कोई लेना-देना नहीं है। दूसरी जगह बाजार शिफ्ट करने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है। बाजार लगवाने वाले कहीं किराये पर जगह लेकर बाजार को शिफ्ट कर लें तो सबका भला होगा। - उमेश गौतम, महापौर
बाजार को शिफ्ट करना ही समाधान
कोर्ट के आदेश और शासन की नीति के मुताबिक साप्ताहिक बाजारों को खत्म नहीं किया जा सकता। इनको एक से दूसरी जगह शिफ्ट करना ही समस्या का समाधान है। इससे सड़कों से जहां अतिक्रमण हटेगा, वहीं ट्रैफिक जाम की समस्या हल होगी। साप्ताहिक बाजार भी दूसरी जगह संचालित हो सकेंगे। पार्षद छंगामल मौर्य ने बताया कि पूर्व में पुलिस ने बाजार को सड़क के अंदर कर दिया था। इससे पहले आजाद स्कूल और बाद में मधुबन टाॅकीज परिसर में साप्ताहिक बाजार लगता रहा। नगर निगम इनके लिए जगह की व्यवस्था कराए। संवाद