शाम को सैलानी में और बढ़ी चहलपहल, खरीदारी को निकली अच्छी-खासी भीड़
बरेली। वैसे तो दरगाह आला हजरत से लेकर काजीउल कुज्जात तक ने रमजान में लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है लेकिन रमजान के पहले ही दिन नजारे इसके उलट दिखे। पुराना शहर के सैलानी से लेकर किला तक तड़के ही दुकानें खुलीं तो खरीदारी के लिए भी भीड़ उमड़ पड़ी। करीब ढाई घंटे बाद पुलिस सक्रिय हुई और सख्ती से दुकानों को बंद करा दिया गया लेकिन दोपहर को फिर बाजार खुल गए जिन्हें बंद कराने के लिए शाम को पुलिस को एक बार फिर सख्ती करनी पड़ी।
शनिवार को माहे रमजान का पहला रोजा था। हालांकि लॉकडाउन के मद्देनजर ज्यादातर लोगों ने पहले ही जरूरी इंतजाम कर रखा था लेकिन तड़के ही बाजार खुला तो लोग घरों से सामान खरीदने के लिए निकल पडे़। कुछ ही देर में किला और सैलानी दोनों इलाकों के बाजार में अच्छी-खासी भीड़ इकट्ठी हो गई। लॉकडाउन की पाबंदियां और सामाजिक दूरी की एहतियात दोनों भूलकर लोग खरीदारी मशगूल रहे। करीब दो-ढाई घंटे तक यही हालात रहने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। इसके बाद ज्यादातर इलाकों में बाजार बंद करा दिए गए। किला में पुलिस ने सख्ती की तो कुछ देर के लिए भगदड़ भी मच गई। नौ बजे तक पूरा बाजार बंद हो गया और सड़कों पर सन्नाटा छा गया। इसके बाद दोपहर के वक्त एक बार फिर लोगों ने दुकानें खोल लीं। इस बार करीब तीन घंटे तक बाजारों में अच्छी-खासी भीड़भाड़ रही। देर शाम पुलिस फिर पुराना शहर के इलाकों में पहुंची और एक बार फिर दुकानों को बंद करा दिया गया।
बता दें कि दरगाह आला हजरत के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां अहसन मियां और काजीउल कुज्जात असजद रजा खां ने भी रमजान से पहले ही हिदायत जारी की थी कि लॉकडाउन के पालन में कहीं कोई कमी न आने दी जाए और नमाज से लेकर सहरी और इफ्तार तक घरों में ही किया जाए लेकिन रमजान के पहले दिन इस अपील का ज्यादा असर नहीं दिखाई दिया।
मीरा की पैंठ में चाट-पकौड़ी की दुकानें भी सजीं
मीरा की पैंठ का बाजार सुबह चार बजे ही खुल गया और यहां एकाएक भीड़ भी इकट्ठी हो गई। सात बजे पुलिस ने सख्ती की तो सन्नाटा छा गया लेकिन दोपहर बाद एक बार फिर बाजार की रौनक बहाल हो गई। पुराना शहर के सैलानी बाजार में भी दुकानें खुलीं तो भीड़ बढ़ गई। तमाम फलों के ठेले सड़क पर खड़े हो गए। गलियों और मोहल्लों में किराना की दुकानें भी खुल गईं। हालांकि किसी ने काउंटर दुकानों के अंदर रखा तो कोई आधा शटर खोलकर ग्राहकों को जरूरत का सामान बेचता रहा।
पुलिस का रुख भी कुछ हद तक नरम दिखाई दिया। लोगों ने पहले किराना के सामान और सब्जी की जरूरत पूरी की और फिर इफ्तार के सामान की तलाश में निकल पड़े। इस दौरान बाजार में फलों के ठेलों के साथ चाट और पकौड़ी के साथ जलेबियों की दुकान भी सजी हुई थीं। कई हलवाइयों ने लोगों की जरूरत पूरी करने के लिए घरों पर ही कड़ाही भट्ठी पर चढ़ा दी थीं। खजला और फेनी भी दुकानों पर रखी थी लिहाजा लोगों ने लगे हाथों सहरी के लिए भी खरीदारी कर ली।
लोगों को सबसे ज्यादा तलाश दूध के साथ ब्रेड, पापे और बन की थी जो दोपहर बाद बाजार में आसानी से नहीं मिल पाया। पैकेट वाले दूध की सबसे ज्यादा किल्लत रही। डेरियों के अलावा कुछ फुटकर दूध विक्रेताओं ने बाजार में अपनी दुकानें खोलीं मगर दूध घरों से बेचा। लोगों ने लाइन लगाकर दूध की खरीदारी की।