बरेली। सरकारी मशीनरी लॉकडाउन के दौरान व्यवस्था बनाने में व्यस्त है, वहीं बिचौलिए गेहूं खरीद में घपलेबाजी करने में जुटे हुए हैं। गेहूं बिक्री करने वाले 1100 ऐसे किसान चिह्नित हुए हैं, जिनके रिकार्ड में गड़बड़ी है। इसके अलावा सौ क्विंटल से ज्यादा गेहूं बेचने वाले किसानों की एसडीएम स्तर पर जांच भी नहीं हो रही है। ऐसी रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने खाद्य एवं विपणन विभाग के अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए एडीएम प्रशासन से जांच कराकर गड़बड़ी दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
गेहूं खरीद में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन के निर्देश है कि जो किसान सौ क्विंटल से ज्यादा गेहूं की बिक्री करेंगे, उनकी जांच संबंधित एसडीएम करेंगे। लेकिन अब तक इसकी कोई रिपोर्ट तैयार कर शासन को नहीं भेजी गई है। इसके अलावा किसानों की खतौनी और उनके बैंक खातों के रिकार्ड में भी खामियां मिली हैं। इनके नाम में गड़बड़ी होने से कई करोड़ का भुगतान लटक गया है। इसके अलावा शासन ने कई और गड़बड़ी से प्रशासन को अवगत कराया है। इसके बाद डीएम नितीश कुमार ने खाद्य विभाग के अधिकारियों से इन मामलों में पूछताछ करते हुए इन्हें तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम का कहना है कि गेहूं खरीद के लिए अभी केवल पांच हजार किसानों के रजिस्ट्रेशन है। यह हालत अंसतोषजनक है।